शुक्रवार, 28 अक्तूबर 2016

चीनी सामानों के बहिष्कार से : चीन बौखलाया



चीनी सामानों के बहिष्कार पर चीन ने दी नसीहत
Posted on: October 28, 2016
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नई दिल्ली। दीवाली पर चीनी सामान के बहिष्कार के लिए कुछ हलकों से किए जा रहे आह्वान के बीच चीन ने कहा है कि इससे चीन की इकाइयों का भारत में निवेश और दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग प्रभावित हो सकता है। नई दिल्ली में चीन के दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस तरह के किसी बहिष्कार का उसके देश के निर्यात पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, उल्टा इसका सबसे ज्यादा नुकसान भारत के व्यापारियों और ग्राहकों का होगा क्योंकि उनके पास कोई समुचित विकल्प नहीं है।

चीन ने कहा है कि वह दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक देश है और 2015 में उसका निर्यात 2276.5 अरब डॉलर के बराबर था और भारत को किया गया निर्यात इसका मात्र दो प्रतिशत था। गौरतलब है कि भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर ऐसे किसी बहिष्कार की बात नहीं है।

लेकिन खुदरा व्यापारियों के संगठन कैट (कॉन्फिडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) ने हाल में कहा था कि दीवाली पर चीनी वस्तुओं के आयात में इस साल 30 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव और इसमें चीन के पाकिस्तान की तरफ झुकाव के बीच भारत में विभिन्न हलकों से चीनी सामान के बहिष्कार की बात उठी है। चीन अपनी सस्ती वस्तुओं के साथ विश्व बाजार में बड़ा स्थान बना चुका है।
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भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार से बौखलाया चीन!

By: एबीपी न्यूज़ |  Friday, 28 October 2016
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नई दिल्ली: आज धनतेरस का त्यौहार है और दीवाली को अब सिर्फ 2 ही दिन बचे हैं. अमूमन इस दौरान हर साल बाजार में रौनक छाई रहती है. लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं, पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही आतंकवादी गतिविधियों पर चीन का पाकिस्तान को इस तरह खुला समर्थन भारत में चीनी सामानों पर भारी पड़ रहा है.

उरी हमले के बाद चीन ने मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों का खुलकर समर्थन किया था, जिसके बाद से ही देश भर में लोग चीनी सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं. यह शायद पहली बार है जब भारत में चीनी बाजार ठंडा पड़ा हुआ है. लोग चीनी सामान खरीदने से बच रहे हैं.

भारत में चीनी सामान के बहिष्कार के बाद चीन इतने गुस्से में आ गया है कि उसने भारत को धमकी तक दे डाली है. चीनी दूतावास ने बयान जारी करते हुए कहा, ‘चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश है. भारत में कुल निर्यात का 2 फीसद हिस्सा ही जाता है. इसलिए भारतीय बहिष्कार का अधिक असर नहीं होगा. चीन केवल इस बात को लेकर चिंतित है कि इससे चीनी इकाइयों की ओर से भारत में होने वाले निवेश पर बुरा असर पड़ेगा. साथ ही दोनों देशों के रिश्ते भी प्रभावित होंगे.’

गौरतलब है कि पिछले 1 महीने से पूरे देश में चीन के सामान का बहिष्कार करने की मुहिम छिड़ी हुई है, लोग सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक पर प्रदर्शन कर रहे हैं और साथ ही बाकी लोगों से भी चीनी सामान का इस्तेमाल न करने की अपील कर रहे हैं. दूसरी तरफ इस विरोध से उन कुम्हारों को फायदा हो रहा है जिनकी रोजी-रोटी चीनी सामानों के चलते छिन गई थी.

महाराष्ट्र के जलगांव में व्यापारियों ने चीनी सामान की बिक्री नहीं करने का फैसला किया है. यहां दीवाली के मौके पर चीनी सामान का कारोबार लगभग 70 करोड रुपए का होता रहा है, लेकिन नुकसान की परवाह न करते हुए लोगों ने इस बार त्योहारों पर लोगों ने चीनी सामानों का बहिष्कार करने का फैसला किया है.
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