सोमवार, 28 नवंबर 2016

महाराष्ट्र निकाय चुनाव में नोटबंदी की बड़ी जीत



नोटबंदी के बाद महाराष्ट्र के नगर पालिका और नगर परिषद के चुनाव के परिणाम आ गये हैं। अब तक के परिणामों के अनुसार कुल 164 सीटों में बीजेपी 57, शिवसेना 27, कांग्रेस 23, एनसीपी 21 और अन्य को अभी तक 25 सीटें मिली हैं।

महाराष्ट्र निकाय चुनाव में नोटबंदी की जीत

Published: Mon, 28 Nov 2016

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले पर महाराष्ट्र की जनता ने मुहर लगा दी है। नोटबंदी के फैसले के 19 दिन बाद रविवार को राज्य के स्थानीय निकाय के लिए हुए चुनावों के परिणाम सोमवार को आ गए।

इनमें भाजपा को सहयोगी शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के मुकाबले ज्यादा सीटों पर जीत मिली है। पहले चरण के तहत 25 जिलों में 3,705 सीटों के लिए मत डाले गए थे। अब तक घोषित नतीजों में भाजपा 851 सीटों पर जीत हासिल कर शीर्ष पर है।

147 नगर परिषद अध्यक्ष के लिए भी मतदान हुआ था। 140 पदों के लिए घोषित परिणाम में भाजपा 51 सीटें जीतकर शीर्ष पर है। भाजपा और शिवसेना स्थानीय निकाय चुनाव साथ मिलकर लड़ रही है।

नोटबंदी के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री विपक्षी दलों के अलावा केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी शिवसेना के भी निशाने पर हैं। शिवसेना लगातार इसकी आलोचना कर रही है। ऐसे में स्थानीय निकाय के नतीजों पर सारी निगाह थी। ऐसे में पहले चरण के चुनाव नतीजों में भाजपा को महत्वपूर्ण बढ़त मिली है।

चुनावी गठजोड़ के बावजूद मतगणना के दौरान भी नोटबंदी पर शिवसेना का तेवर तल्ख रहा। सोमवार को प्रकाशित पार्टी के मुखपत्र "सामना" में नोटबंदी पर राकांपा सांसद उदयन राज भोसले के बयान को सही ठहराया गया।

उदयन ने कहा था यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो जनता बैंकों को लूटना शुरू कर देगी। राकांपा और कांग्रेस ने स्थानीय निकाय चुनाव में नोटबंदी को मुद्दा भी बनाया था।

राज्य में सभी 212 स्थानीय निकाय के लिए चुनाव होने हैं। इनमें नगर परिषद और नगर पंचायत की भी सीटें हैं। ये चुनाव चार चरणों में हो रहे हैं। दूसरे, तीसरे और चौथे चरण के लिए क्रमशः 14 दिसंबर, 18 दिसंबर और आठ जनवरी को मत डाले जाएंगे।

स्थानीय निकाय की सीटें

कुल सीटें : 3705 (3510 के नतीजे घोषित)

भाजपा : 851

शिवसेना : 514

राकांपा : 638

कांग्रेस : 643

अन्य : 724

नगर परिषद अध्यक्ष

कुल सीटें : 147 (140 के परिणाम घोषित)

भाजपा : 51

शिवसेना : 24

राकांपा : 19

कांग्रेस : 21

अन्य : 25

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महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में भाजपा की जीत,
पीएम ने कहा, विकास की जीत है


By Pankaj Kumar Pathak | Updated Date: Nov 28 2016

http://www.prabhatkhabar.com


मुंबई : नोटबंदी को लेकर देशभर में चल रहे अफरा-तफरी के बीच महाराष्ट्र नगर परिषद के चुनाव नतीजे सामने आ गये हैं. भारतीय जनता पार्टी ने निकाय चुनाव में जीत हासिल की है.  कुल 2501 सीटों में भाजपा 610 सीट जीत चुकी है. शिवसेना 402 सीट, एनसीपी 482 सीट, कांग्रेस 408, मनसे 12 व बीएसपी 4 सीटों  में जीत दर्ज की है . अन्य दल 583 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है.

गौरतलब है कि नोटबंदी के फैसले के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि बीजेपी को इस फैसले की कीमत चुकानी पड़ेगी लेकिन भाजपा स्थानीय निकायों के चुनाव में जीत के बाद सारे अनुमान गलत साबित हो गये. जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करके महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को बधाई दी. उन्होने सारे कार्यकर्ता का भी उत्साहवर्धन किया. पीएम ने लिखा मुझे लगता है निकाय चुनाव में महाराष्ट्र के लोगों ने भाजपा पर विश्वास जताया है. यह जीत गरीब के हित और विकास की जीत है.


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महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजे, BJP को मिली बढ़त

By: एबीपी न्यूज़ | Last Updated: Monday, 28 November 2016
http://abpnews.abplive.in

मुंबई:  नोटबंदी के बाद महाराष्ट्र में हुए नगर निकाय के चुनाव में बीजेपी बड़ी जीत की ओर है. पिछले चुनाव में बीजेपी तीसरे नंबर की पार्टी रही लेकिन इस बार विजेता बनकर उभरी है. 147 नगरपालिकाओं के चुनाव में बीजेपी के 52 अध्यक्ष जीते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने भी महाराष्ट्र की जनता का शुक्रिया किया है.

बीजेपी की ये जीत दो मायनों में अहम है. पहली तो ये कि नगर निकाय में तीसरे नंबर की पार्टी नंबर वन हो गई है और दूसरी ये कि मोदी सरकार के नोटबंदी वाले फैसले पर जनता ने मुहर लगा दी है.

पहली बार राज्य मे नगर अध्यक्ष को सीधे जनता ने चुना है, यानी लोगों को एक वोट नगरसेवक के लिए करना था और दूसरा वोट नगरअध्यक्ष के लिए. नतीजा ये हुआ कि कोंकण की खेड नगरपालिका में बहुमत तो शिवसेना को मिला लेकिन नगरअध्यक्ष पर जीत मिली राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस के उम्मीदवार को. जिस नगर निकाय में कांग्रेस और एनसीपी का सिक्का चलता था आज वहां कमल का फूल खिल गया है.

2011 में बीजेपी के पास 15, शिवसेना के पास 12, कांग्रेस के पास 43 और एनसीपी के पास 47 नगर अध्यक्ष थे. माना जा रहा था कि इस चुनाव में मराठा आरक्षण आंदोलन का भी असर देखने को मिलेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं दिखा.

नोटबंदी के बाद स्थानीय स्तर के चुनाव में मिली इस जीत से बीजेपी गदगद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, ”नगर निगम चुनाव में बीजेपी पर भरोसा जताने के लिए महाराष्ट्र की जनता का शुक्रिया. ये जीत गरीबी के खिलाफ और विकास के लिए है.”

इस चुनाव में बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन भी नहीं था और ना ही कांग्रेस एनसीपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था. कल पहले दौर की वोटिंग हुई थी अभी तीन चरणों के चुनाव बाकी हैं.

मिनी विधानसभा चुनाव?

रविवार को करीब 70 प्रतिशत मतदान हुआ. इन चुनावों को मिनी विधानसभा चुनाव माना जा रहा है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है.

बीजेपी-शिवसेना गठबंधन
सत्तारूढ बीजेपी और शिवसेना ने जहां चुनावों के लिए गठबंधन किया है वहीं विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी ने औपचारिक रूप से कोई गठबंधन नहीं बनाया है.

नगरपालिका और नगर पंचायतों की 3,706 सीटों पर कुल 15,827 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे.

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