शनिवार, 26 नवंबर 2016

' नोटबंदी का मोदी का कदम बहुत ही साहसिक है। '- चीन की सरकारी मीडिया



नोटबंदी: भारत के 'जुए' से सबक सीखेगा चीन, 
मोदी के कदम को बताया बहुत साहसिक

पीटीआई | Updated: Nov 26, 2016

पेइचिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले को 'बहुत साहसिक' कदम बताते हुए चीन की सरकारी मीडिया ने कहा कि भ्रष्टाचार पर इसके असर से चीन सबक लेगा। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार नोटबंदी चाहे सफल हो या असफल लेकिन इससे एक उदाहरण पेश किया गया है और चीन भ्रष्टाचार पर इसके प्रभावों से जरूर सबक लेगा।

सरकारी समाचार पत्र 'ग्लोबल टाइम्स' में छपे संपादकीय में लिखा है, ' नोटबंदी का मोदी का कदम बहुत ही साहसिक है। अगर चीन में 50 या 100 युआन के नोट बंद कर दिए जाएं तो, चीन में क्या होगा हम इसके बारे में अभी कल्पना नहीं कर सकते हैं। मोदी ने करंसी रिफॉर्म पर फैसला लेकर एक जुआ खेला है।' गौरतलब है कि 100 युआन चीन की सबसे बड़ी करंसी है।

पत्र आगे लिखता है, 'नोटबंदी की खबर को पूरी तरह गुप्त रखा गया था ताकि इसे लागू करने में कोई दिक्कत नहीं हो। नोटबंदी का यह फैसला ब्लैक मनी को खिलाफ है। हालांकि मोदी इसे लागू करने से पहले दुविधा में थे।'

संपादकीय मे लिखा है, ' भारत में लगभग 90 फीसदी लेन-देन कैश में होता है। देश में कुल कैश का 85 फीसदी नोट 500 और 1000 रुपये के रूप में थे। सरकार के इस फैसले से आम जनता को रोजाना जिंदगी में काफी दिक्कतें भी हुई हैं। यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे 'संगठित लूट' तक करार दे दिया।' अखबार लिखता है, 'नोटबंदी से भ्रष्टाचार पर रोक लग सकती है। लेकिन इसको बढ़ावा देने वाले सामाजिक और राजनीतिक मसले का समाधान मुश्किल है।'

संपादकीय के अनुसार, ' मोदी का नोटबंदी का फैसला एक जुआ है। इसे लागू करने से लेकर आम जनता की बर्दाश्त करने की क्षमता की परख होनी है। उम्मीद है कि इसके फायदे अन्य दूसरी चीजों के असर को कम करने में सफल होगी।' अखबार साथ ही लिखता है कि लोकतंत्र में इस तरह के साहसिक कदम की जगह बहुत कम होती है। नोटबंदी चाहे सफल हो या असफल लेकिन यह एक उदाहरण जरूर पेश करेगा।

अखबार लिखता है, 'सुधार हमेशा से मुश्किल रहा है। मोदी का नोटबंदी का फैसला सही सोच के साथ आया है। लेकिन, इसकी सफलता व्यवस्था और समाज के सहयोग पर निर्भर करती है।' अखबार लिखता है कि चीन में भी पिछले 40 सालों से सुधार का क्रम जारी है। इसमें कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। अखबार के मुताबिक ' इसकी सफलता आम जनता के व्यापक समर्थन से ही संभव होती है।'

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