मंगलवार, 23 मई 2017

तीन साल बाद भी देश में मोदी लहर : अरविन्द सिसौदिया


26 मई को प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार के तीन साल पूरे हो जायेंगे और चौथा साल लग जायेगा। देश के तमाम बडे अखवारों एवं मीडिया हाउसेज ने अपने अपने तरीके से जनता के मन को टटोला हे। और घोषण की हैं कि जनता इस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ हे। यह सब यूं ही हो रहा है ऐसा नहीं है। बल्कि प्रधानमंत्री मोदी जी 18 - 18 घंटेे काम कर तेजी से कामों को निंबटा रहे है। परिणाम देने के लिये परिश्रम कर रहे है। इसलिये यह सर्वे आ रहे हैं। आओ हम सभी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक इस महान अवसर को अपने - अपने परिश्रम से और  महान तथा यशस्वि बनानें में जुट जायें। 
- अरविन्द सिसौदिया, जिला महामंत्री भाजपा 
जिला कोटा राजस्थान   9509559131



तीन साल बाद भी देश में मोदी लहर, अभी चुनाव हुए तो NDA को मिल सकता है पूर्ण बहुमत : सर्वे
By Digital Live News Desk | Updated Date: May 23 2017
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नयी दिल्ली : नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्र में NDA सरकार ने अपना तीन साल पूरा कर लिया है. तीन साल पूर्ण करने के बाद मोदी सरकार लोगों के सामने अपनी तीन साल की उपलब्धियों को गिना रही है वहीं दूसरी ओर विपक्ष मोदी सरकार की नाकामियों को उजागर करने में लगी है. विपक्ष का दावा है कि मोदी सरकार ने तीन साल में कुछ भी विकास का काम नहीं किया है

इधर मोदी सरकार के तीन साल पूरा होने के मौके पर एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति ने सर्वे कराया है और केंद्र सरकार को लेकर लोगों का मूड जानने का प्रयास किया है. सर्वे के अनुसार तीन साल बाद भी लोगों ने नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्र सरकार का समर्थन किया है. सर्वे के अनुसार अभी अगर लोकसभा के चुनाव होते हैं तो फिर से केंद्र में मोदी सरकार की संभावना है.

एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति सर्वे के अनुसार अभी चुनाव हुए तो एनडीए को 331 सीटें मिल सकती है. हालांकि 2014 की तुलना में एनडीए को 4 सीट का नुकसान होने की संभावना है. 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी की अगुआई में एनडीए को 335 सीटें मिली थीं. सर्वे के अनुसार राहुल गांधी की अगुआई में यूपीए के लिए भी राहत की खबर है. सर्वे के अनुसार अभी चुनाव हुए तो यूपीए को 104 सीटें मिल सकती है.

एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति की सर्वे के मुताबिक बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में एनडीए को 2014 से भी ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है.

* बिहार-झारखंड में NDA को हो सकता है नुकसान
एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति सर्वे के मुताबिक पूर्वी भारत में भले ही एनडीए को फायदे मिलने का अनुमान है लेकिन बिहार और झारखंड में उसे कुछ सीटों का नुकसान हो सकता है. सर्वे के मुताबिक लालू यादव को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचेगा. ओडिशा, बंगाल और असम में एनडीए को फायदा हो सकता है.

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'नमो' का जलवा कायम, आज चुनाव हुए तो फिर मोदी सरकार का अनुमान: सर्वे

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: May 22, 2017
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नई दिल्ली
करीब 3 साल पहले 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए की सरकार केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई। इस समय जहां केंद्र सरकार 3 साल में अब तक किए गए काम का प्रचार करने में लगी है, वहीं विपक्ष सरकार की नाकामियों को उजागर करने का दावा कर रहा है। इस बीच एक सर्वे के मुताबिक 2014 की तरह मोदी लहर चल सकता है। अगर आज चुनाव हुए तो मोदी सरकार फिर से सत्ता में आ सकती है।

आज हुए चुनाव तो NDA फिर 300 के पार
एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति के सर्वे के मुताबिक अगर आज चुनाव हुए तो एनडीए को 331 सीटें मिल सकती हैं जबकि 2014 में इसे 335 सीटें मिली थीं। यूपीए को 104 सीटों का अनुमान लगाया गया है जो 2014 से 44 ज्यादा है। अन्य के खाते में 108 सीटें आ सकती हैं जो 2014 के मुकाबले 40 कम है। एनडीए के वोट शेयर में 7 फीसदी का इजाफा हो सकता है।

पूर्वी भारत में NDA को पहले से ज्यादा सीटों का अनुमान

एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति की सर्वे के मुताबिक बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में एनडीए को 2014 से भी ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है। इन राज्यों में लोकसभा की कुल 142 सीटें हैं। सर्वे में एनडीए को 71 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जो 2014 के मुकाबले 16 ज्यादा है। यूपीए को थोड़ा नुकसान हो सकता है और उसे 25 सीटें मिल सकती हैं। 2014 में यूपीए को 28 सीटें मिली थीं। अगर आज चुनाव हुए तो पूर्वी भारत में अन्य के खाते में 46 सीटें आ सकती हैं जो 2014 से 19 कम है। पूर्वी भारत में एनडीए के वोट शेयर में करीब 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है।

बिहार और झारखंड में NDA को हो सकता है नुकसान
सर्वे के मुताबिक पूर्वी भारत में भले ही एनडीए को फायदे मिलने का अनुमान है लेकिन बिहार और झारखंड में उसे कुछ सीटों का नुकसान हो सकता है। सर्वे के मुताबिक भ्रष्टाचार के आरोपों से लालू यादव को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचेगा। ओडिशा, बंगाल और असम में एनडीए को फायदा हो सकता है।

उत्तर भारत में फीका पड़ सकता है मोदी का जादू
सर्वे के मुताबिक यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब जैसे उत्तर भारत के राज्यों में कुल मिलाकर एनडीए को कुछ सीटों का नुकसान हो सकता है। उत्तर भारत की कुल 151 सीटों में एनडीए को 116 सीटें मिल सकती हैं जो 2014 के मुकाबले 15 कम है। यूपीए को 15 सीटें मिल सकती हैं जो पहले से 9 ज्यादा है। सर्वे में अन्य के खाते में 20 सीटों का अनुमान किया गया है जो 2014 के मुकाबले 6 ज्यादा है। सर्वे के मुताबिक हरियाणा और पंजाब में एनडीए को नुकसान हो सकता है। सर्वे के मुताबिक उत्तर भारत में एनडीए को 50 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं जबकि यूपीए को 18 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है।

पश्चिम-मध्य भारत में NDA को मामूली नुकसान
गुजरात, एमपी, जैसे पश्चिम-मध्य भारत के राज्यों में एनडीए को मामूली घाटा हो सकता है। पश्चिम-मध्य भारत में कुल 118 सीटें हैं जहां एनडीए को 105 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि 2014 में उसे यहां 109 सीटें मिली थीं। इस तरह एनडीए को 4 सीटों का घाटा हो सकता है। इस क्षेत्र में यूपीए को 12 सीटें मिल सकती हैं जो 2014 के मुकाबले 3 ज्यादा है। अन्य के खाते में भी 1 सीट आ सकती है। 2014 में यहां अन्य के खाते में एक भी सीट नहीं गई थी। पश्चिम मध्य भारत में एनडीए का वोट शेयर बढ़ सकता है। सर्वे में इस क्षेत्र में एनडीए को 56 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है जो 2014 के मुकाबले 3 प्रतिशत ज्यादा है।

दक्षिण भारत में UPA को फायदा
सर्वे के मुताबिक दक्षिण भारत की कुल 132 सीटों में एनडीए को 39 सीटें मिल सकती हैं जो 2014 के मुकाबले सिर्फ एक कम है। एनडीए को आंध्र प्रदेश और केरल में फायदा हो सकता है। दक्षिण भारत में यूपीए को जबरदस्त फायदा मिल सकता है। यहां उसे 52 सीटें मिल सकती हैं जो 2014 के मुकाबले 29 ज्यादा है।

कैसे हुआ सर्वे
एबीपी न्यूज के मुताबिक सर्वे 1 मई से 15 मई के बीच किया गया। इसके लिए 19 राज्यों की 146 विधानसभा सीटों की 584 पोलिंग के 11373 लोगों से बातचीत की गई है।
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सर्वे:अभी हुए चुनाव तो बनेगी मोदी की NDA सरकार, वोट बैंक में भी इजाफा
लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
http://www.livehindustan.com

केन्द्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को 26 मई को तीन साल पूरे हो जाएंगे। इन तीन सालों में मोदी सरकार की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। लोकनीति-CSDS-एबीपी न्यूज के सर्वे के मुताबिक, अगर आज चुनाव हुए तो एनडीए को 331 सीटें मिलेगी। 2014 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले एनडीए को सिर्फ 4 सीटों का नुकसान हो रहा है।

वहीं यूपीए को 104 सीटें मिलने का अनुमान है और उसे 44 सीटों का फायदा हो रहा है। वहीं अन्य को 108 सीटें मिलेंगी और उन्हें 40 सीटों का नुकसान हो रहा है।

बीजेपी के वोट बैंक में इजाफा
2014 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले बीजेपी के वोट बैंक में पिछले तीन सालों में आठ प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 31 फीसदी वोट मिले थे जो सर्वे के मुताबिक, 2017 में 39 फीसदी हो गया है। वहीं बीजेपी सहयोगियों के वोट प्रतिशत में सिर्फ एक फीसदी का इजाफा हुआ है।

सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस के वोट बैंक में भी दो फीसदी का इजाफा हुआ है। 2014 में कांग्रेस को 19 फीसदी वोट मिला था जबकि सर्वे के मुताबिक अभी चुनाव हुए तो कांग्रेस को 21 फीसदी फोटो मिलेंगे। यूपीए के वोट बैंक में एक फीसदी का इजाफा हुआ है।


अन्य राजनीतिक दलों का हाल

पार्टी        2014 लोकसभा चुनाव       सर्वे 2017
बसपा                4                           3
लेफ्ट पार्टी          5                           3
अन्य दल           27                          22


सर्वे के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'अच्छे दिन' को पांच में से तीन लोगों अच्छा बताया है।

नरेंद्र मोदी प्रतिशत
अच्छे दिन सफल 63
अच्छे दिन फेल 27
कुछ भी कहने से मना किया 10



पीएम मोदी के अच्छे दिन को लेकर हिन्दुओं में जहां आज भी विश्वास कायम है। 66 फीसदी हिन्दू मानते है कि अच्छे दिन आए है। वहीं मुस्लिम समुदाय में मिली जुली प्रक्रिया देखने को मिली। 43 फीसदी मुसलमानों का मानना है कि अच्छे दिन आए हैं तो 45 फीसदी मुसलमानों का मानना है कि अच्छे दिन नहीं आए हैं।



  मोदी अच्छे दिन लाए मोदी अच्छे दिन लाने में विफल   कोई प्रतिक्रिया नहीं
हिन्दू        66 24 10
मुस्लिम 43 45 12
क्रिश्चन 51 37 12
सिख 54   38 8


सर्वे में हिस्सा लेने वाले 25 फीसदी लोगों का मानना है कि इस वक्त देश के सामने सबसे बड़ी समय बेरोजगारी है। वहीं कालाधन सबसे अब कोई मुद्दा नहीं है। सिर्फ दो प्रतिशत लोगों ने इसको देश की समस्या बताया।

देश के सामने समस्या प्रतिशत
बेरोजगारी 25
गरीबी          16
कीमत बढ़ना   8
विकास की कमी, बुनियादी सुविधाएं 8
काला धन           2
अन्य मामले 16
कोई प्रतिक्रिया नहीं 12


सर्वे के मुताबिक, पिछले तीन सालों में पीएम मोदी की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। कोई दूसरा नेता उनके आसपास भी नहीं ठहराता है। उनको छोड़कर किसी भी नेता की लोकप्रियता दहाई का आकंडा नहीं छू पाती है। लोकप्रियता के मामले में राहुल गांधी नौ फीसदी के साथ दूसरे पायदान पर हैं।

नेता प्रतिशत
नरेंद्र मोदी 44
राहुल गांधी 9
सोनिया गांधी 3
मायावती         3
नीतिश कुमार 2
मनमोहन सिंह 2
अखिलेश यादव 2
ममता बनर्जी 1

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