मंगलवार, 23 मई 2017

बर्बरता का बदला: पाक चौकी को उड़ाया




बर्बरता का बदला: पाक चौकी को उड़ाया, 

लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली 23 मई, 2017

पाकिस्तान की घुसपैठ के खिलाफ भारतीय सेना ने कार्रवाई करते हुए तोप से पाकिस्तान की चौकी तबाह कर दिया है। मेजर जनरल अशोक नरूला ने मंगलवार को बताया कि इस चौकी को आतंकवादियों की घुसपैठ मे मदद करने पर ये कार्रवाई की गई है। 6 मई को पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों के साथ मिलकर एलओसी पार करके गश्त कर रहे भारतीय जवानों पर हमला किया था और इस हमले में दो जवान शहीद हुए थे। इसके बाद शहीद जवानों के शव के साथ बर्बरता की थी। इसका बदला लेते हुए भारतीय सेना ने नौ मई पाकिस्तान के नौशेरा में पाक की चौकी को तबाह कर दिया था। सेना ने 9 मई को किए गए इस ऑपरेशन में रॉकेट लॉन्चर्स, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल, ऑटोमेटेड ग्रैनेड लॉन्चर्स का इस्तेमाल किया गया।

वहीं भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने नियंत्रण रेखा के नजदीक नौशेरा सेक्टर के पास स्थित पाकिस्तानी सेना के पोस्ट को तबाह करने के भारतीय सेना के दावे को खारिज कर दिया है। बासित ने एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि पाकिस्तान सरकार की ओर से इस बारे में कोई रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। इसलिए शेखी बघारने की जरूरत नहीं है। दोनों देशों को चाहिए कि वह शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दे को हल करे।

एक्सपर्ट का कहना है कि भारतीय सेना के इस हमले में पाकिस्तान के 20 से 25 सैनिकों के मारे जाने की संभावना है, क्योंकि अमूमन एक पोस्ट में एक वक्त में तकरीबन इतने ही सैनिक रहते हैं।

अशोक नरूला ने बताया कि एलओसी पर हमारा कब्जा है और नौशेरा में हुई कार्रवाई का 24 सेंकेड का वीडियो जारी कर दिया है। सेना का कहना है कि जम्मू-कश्मीर से 100 किलोमीटर दूर नौशेरा में सेना ने पाकिस्तानी चौकियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पाकिस्तान की ओर से बर्फ पिघलने से और दर्रें पिघलने से घुसपैठ की आशंका है।

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सेना ने इस मामले में 24 सेकंड का वीडियो जारी किया है। जिसमें यह दिखाई दे रहा है कि किस प्रकार सेना ने पाकिस्तानी पोस्ट को ध्वस्त कर दिया हैं। इस दौरान करीब 21 ब्लास्ट हुए और पाकिस्तान की पोस्ट पूरी तरह बर्बाद हो गई।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी की तरफ से हो रही गोलाबारी से भारत के गांवों को भी भारी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश की सीमा पर घुसपैठ रोके। नरूला ने बताया कि हमने हाल में नौशेरा में जो कार्रवाई की है वह घुसपैठियों के खिलाफ ही थी। यह कार्रवाई हमारी आतंकवाद विरोधी अभियान का हिस्सा है।

सेना का कहना है कि हम कश्मीर में अमन और शांति चाहते हैं। हम इसके लिए सीमा पर घुसपैठ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि आतंकियों की संख्या कम से कम हो और राज्य के युवा गलत राह पर न चलें। हम आतंकियों को रोकने के लिए सीमा पर इस तरह की कार्रवाई करते रहते हैं।

गौरतलब है कि 6 मई की सुबह पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों के साथ मिलकर एलओसी पार करके गश्त कर रहे भारतीय जवानों पर हमला किया था और इस हमले में दो जवान शहीद हुए थे। भारतीय शहीदों के शवों के साथ पाकिस्तान ने बर्बरता की थी। उस वक्त सेना ने साफ किया था कि इस हमले का माकूल जवाब जरूर दिया जाएगा।

- कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पाक की चौकियों को तबाह करने के लिए मैं भारतीय सेना के साहस को सल्यूट करता हूं।

- शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने कहा, देर आए दुरुस्त आए, अब नहीं रुकना है। अब सोचो लाहौर जाकर तिरंगा लहराना है।

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Tuesday, May 23, 2017

नई दिल्ली: सेना ने मंगलवार (23 मई) को दावा किया कि सीमा पार से हमला रोकने के लिए आतंकवाद-रोधी रणनीति के तहत हालिया कार्रवाई में जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा से सटी पाकिस्तानी सेना की कई चौकियों को नष्ट कर दिया गया. मेजर जनरल अशोक नरूला ने संवाददाताओं से कहा, "पाकिस्तानी सेना सशस्त्र घुसपैठियों की सहायता करती है.. नौशेरा (राजौरी जिले का सीमा सेक्टर) में हालिया कार्रवाई में हमने पाकिस्तानी सेना की कई चौकियों को तबाह कर दिया."

यह पूछे जाने पर इन हमलों को कब अंजाम दिया गया, नरूला ने कहा कि यह 'हाल का, बेहद हाल का' अभियान है. उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन एक वीडियो क्लिप साझा किया, जिसमें एक जंगल क्षेत्र में बमबारी और विस्फोट के बाद धुआं उठता दिख रहा है.

भारतीय सेना के एडीजीपीआई मेजर जनल अशोक नरुला ने कहा कि आतंकियों को रोकने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. भारतीय सेना ने नौशेरा सेक्टर से सटे पाकिस्तानी सेना की पोस्ट की तबाही का वीडियो जारी करते हुए कहा कि जिन पोस्ट को तबाह किया वहां से घुसपैठ होती थी.

मेजर जनरल नरूला ने कहा, "नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में कार्रवाई की गई. यह हमारे आतंकवाद रोधी रणनीति का हिस्सा है, ताकि (राज्य में) आतंकवादियों की संख्या में कमी लाई जा सके और कश्मीरी युवा गलत राह न पकड़ें." उन्होंने कहा कि भारतीय सेना इस बात से अवगत है कि बर्फ पिघलने के साथ ही घुसपैठ के प्रयास में वृद्धि होगी. उन्होंने कहा, "भारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर पूरी सक्रियता से तैनात है. हम जम्मू एवं कश्मीर में शांति चाहते हैं."

इससे पहले पाकिस्तान रेंजर्स ने बुधवार (17 मई) को जम्मू-कश्मीर के बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा की अग्रिम चौकियों पर गोलीबारी कर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. रक्षा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी सेना ने बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा की अग्रिम चौकियों पर आधी रात को 12 बजकर 50 मिनट पर गोलीबारी करना शुरू की थी.’’ प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर कल रात अग्रिम चौकियों एवं असैन्य इलाकों में भी गोलीबारी की. यह गोलीबारी देर रात डेढ़ बजे तक लगातार चली.

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान सेना ने नौशेरा सेक्टर में मंगलवार (16 मई) शाम साढ़े छह बजे अंधाधुंध छोटे हथियारों, स्वचालित हथियारों से गोलीबारी की और 82 एमएम और 120 एमएम के मोर्टार दागे. यह हमला मंगलवार रात नौ बजे तक जारी रहा.

पाकिस्तान रेंजर्स ने 15 और 16 मई की दरमियानी रात को भी राजौरी जिले के तीन क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा पर अग्रिम चौकियों एवं असैन्य इलाकों में गोले दागे थे. नौशेरा सेक्टर में 13 मई को नियंत्रण रेखा के पास असैन्य इलाके में मोर्टार दागे जाने की घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी और तीन अन्य लोग घायल हो गए थे.

सीमा-पार से हो रही गोलीबारी एवं गोलेबारी में करबी 10,000 लोग प्रभावित हुए हैं. पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में नियंत्रण रेखा पर प्रभावित कस्बों से करीब 1700 लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है.

डीसी ने बताया कि सीमा पार से लगातार हो रही गोलाबारी में 2,694 परिवारों के करीब 10,042 लोग प्रभावित हुए हैं. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने मृतकों के निकटतम रिश्तेदार को तत्काल एक-एक लाख रुपए राहत राशि देने और घायलों को भी आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

चौधरी ने बताया कि प्रशासन और अधिक राहत शिविर बनाने को तैयार है और इसके लिए 25 इमारतों को भी निर्धारित किया गया है. उन्होंने बताया कि शिक्षा प्रभावित न हो यह सुनिश्चित करने के लिए स्कूल की कक्षाएं भी इस सप्ताह से बहाल की जाएगीं.

गृह मंत्रालय के एक आरटीआई को दिए जवाब के अनुसार पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा वर्ष 2015 में 405 की तुलना में वर्ष 2016 में 449 संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और दो साल में 23 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई है.

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