बुधवार, 28 जून 2017

राष्ट्रपति चुनाव : 2017





राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सोनिया गांधी का अहम बयान, जानिए- क्या कहा
Date:Wed, 28 Jun 2017

सोनिया गांधी ने कहा कि यह चुनाव हमारे लिए एक विचार धारा, उसूलों अौर सच्चाई की लड़ाई है, हम लड़ेंगे।
नई दिल्ली (एएनअाई)। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चल रहे गुणा-गणित के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का अहम बयान सामने अाया है। सोनिया गांधी ने कहा कि यह चुनाव हमारे लिए एक विचारधारा, उसूलों अौर सच्चाई की लड़ाई है, हम लड़ेंगे।
इससे पहले ईद पर भी सोनिया गांधी ने कुछ इसी तरह से बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि 'विध्वंसकारी ताकतें, अनेकता में एकता और सांप्रदायिक समरसता के भारत के अनोखे चरित्र पर हमला करने का प्रयास कर रही हैं' लेकिन अपनी 'साजिशों' में वे कभी कामयाब नहीं होंगी।
सोनिया गांधी ने कहा था कि भारत को दुनिया में एकमात्र ऐसा देश होने का विशेष दर्जा हासिल रहा है जहां विभिन्न धर्मों को मानने वाले लोग प्यार और समरसता के माहौल में एक साथ रहते आए हैं। उन्होंने कहा, 'विध्वंसकारी ताकतें विभिन्नता में एकता और सांप्रदायिक मेलमिलाप के भारत के खास चरित्र पर हमला करने का प्रयास कर रही हैं लेकिन ये ताकतें अपनी साजिशों में कभी कामयाब नहीं होंगी।'
वहीं विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव जाति के आधार पर नहीं, बल्कि विचारधारा के आधार पर होगा। मीरा कुमार ने हैरानी जताते हुए कहा कि दोनों राष्ट्रपति उम्मीदवारों की उपलब्धियों और योग्यताओं पर बहस के बजाय उनकी जाति पर बहस की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह सामाजिक न्याय के मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समावेशीकरण तथा जाति व्यवस्था के उन्मूलन के लिए लड़ेंगी।
उन्होंने कहा कि उच्च जाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाले दो नेताओं के बीच भी पहले राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो चुका है, लेकिन उनकी जाति पर चर्चा नहीं की गई। इस बार जब दो दलित एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं, तो इसे लेकर हर जगह बहुत चर्चाएं हो रही हैं। मेरा मानना है कि जाति को दफना दिया जाना चाहिए और इसे पूरी तरह से भुला दिया जाना चाहिए।
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By Sanjeev Tiwari

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राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद अौर मीरा कुमार सहित 64 नामांकन पत्र दाखिल
Date:Wed, 28 Jun 2017

राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन है।
नई दिल्ली, जेएनएन।  राष्ट्रपति चुनाव के लिए 17 विपक्षी दलों की उम्मीदवार मीरा कुमार अाज संसद भवन पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। इससे पहले राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद सहित 64 नामांकन पत्र भरे जा चुके हैं। नामांकन भरते वक्त मीरा कुमार के साथ सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और 17 विपक्षी दलों के नेता मौजूद थे। मीरा कुमार ने नामांकन पत्र के चार सेट लोकसभा महासचिव के समक्ष दाखिल किया। राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा महासचिव निर्वाचन अधिकारी हैं। 17 विपक्षी दलों में से प्रत्येक के नेता को मीरा कुमार के नाम का प्रस्ताव या अनुमोदन करने का अवसर मिला।
नामांकन के समय मीरा कुमार के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा विपक्ष के अन्य नेता उपस्थित थे। इससे पहले वह सुबह 10 बजे ‘राजघाट’ पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अपने पिता बाबू जगजीवन राम की समाधि स्थल ‘समता स्थल’ जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
नामांकन से एक दिन पहले मीडिया से रूबरू हुई मीरा कुमार ने कहा कि 17 पार्टियों का उन पर जताया गया विश्वास उनके लिए सम्मान की बात है।
   राष्ट्रपति चुनाव को दलित बनाम दलित बताए जाने को गलत करार देते हुए विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह जाति व्यवस्था के ढांचे को खत्म कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को मुद्दा बनाएंगी। मीरा कुमार इस चुनाव को वैचारिक लड़ाई बनाने के लिए अपने प्रचार अभियान का आगाज साबरमती के गांधी आश्रम से करेंगी।
मीरा ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि जाति की मानसिकता को गठरी में बांधकर नीचे दबा समाज को आगे बढ़ना चाहिए। इस वक्त देश हित सर्वोपरि है और जो विचारधारा प्रेस की आजादी, पारदर्शिता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समावेशी समाज में विश्वास रखती है उसी में देश हित है। इसीलिए उन्होंने अंतरात्मा की आवाज की अपील की है।
   मीरा ने कहा कि यह जातिगत लड़ाई नहीं है और अच्छी बात है कि इसको लेकर चर्चा हो रही है क्योंकि इससे समाज की असलियत सामने आ रही है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब राष्ट्रपति चुनाव में दो उच्च जातियों के प्रत्याशी आमने-सामने थे तब जाति का सवाल नहीं उठा और उनके गुणों पर बात हुई।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के स्पीकर के रुप में खुद पर पक्षपात करने के लगाए आरापों को मीरा कुमार ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि स्पीकर के तौर पर उनके कामकाज की सत्ता और विपक्ष दोनों की तरफ से सार्वजनिक रुप से प्रशंसा की गई। पिछले लोकसभा के आखिरी सत्र में सभी दलों के नेताओं की ओर से दिए गए भाषण के रिकार्ड होने का हवाला देते हुए मीरा ने कहा कि उन्होंने न कभी पक्षपात किया और न ही किसी ने आरोप लगाया।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन है। राष्ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को होना निर्धारित है तथा मतगणना 20 जुलाई को होगी।

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किसान से लेकर चाय बेचने वाले तक हैं राष्ट्रपति पद की दौड़ में, जानिए- मकसद
Date:Wed, 28 Jun 2017

अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने के बावजूद इनमें एक समानता है कि ये सभी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर काफी आशान्वित हैं।
नई दिल्ली (जेएनएन)। पूरे देश में राष्ट्रपति की चुनाव की बयार जोरों पर है। अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए क्लर्क, किसान से लेकर वकील तक सभी अपनी किस्मत आजमाने में लगे हैं। लालू प्रसाद यादव बिहार में एक क्लर्क रह चुके हैं। तमिलनाडु के अग्नि श्रीरामचंद्रन एक किसान हैं, अजय कुमार गुप्ता उत्तराखंड में एक वकील हैं। इनके अलावा आनंद सिंह कुशवाहा मध्य प्रदेश में चाय बेचने वाले रह चुके हैं और मोहम्मद अब्दुल हमीद पाटिल महाराष्ट्र के एक कंस्ट्रक्शन में नौकरी कर चुके हैं।
अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने के बावजूद इनमें एक समानता है कि ये सभी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर काफी आशान्वित हैं। इन्होंने 15,000 रुपए जमा कराकर अगले महीने होने वाले देश के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन फाइल किया है। ऐसी संभावना नजर आ रही है कि इनमें से कोई भी अपना नॉमिनेशन वापस नहीं लेंगे। लेकिन जांच के दौरान उनके नामांकन पत्र को खारिज कर दिया जा सकता है।
हरिद्वार के गुप्ता भारत के राष्ट्रपति पद की दावेदारी को लेकर कहते हैं, "रबर युग समाप्त हो जाएगा।" वहीं दूसरी तरफ पाटिल ने राष्ट्रपति बनने के 24 घंटे के भीतर कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने की गारंटी दी है। उन्होंने कहा, "मैं कश्मीर से आतंकवाद को खत्म कर दूंगा जो कि देश की सबसे बड़ी आंतरिक समस्या है। कार्यालय संभालने के 24 घंटों के भीतर, मैं पाकिस्तान को एक सबक सिखाया जाएगा और कश्मीर में शांति बहाल की जाएगी।"
इस समय राष्ट्रपति पद के लिए 65 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दायर किए हैं, जिनमें एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद शामिल हैं। विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार बुधवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। चुनावी अधिकारियों ने पहले से ही 12 उम्मीदवारों के नामांकन को खारिज कर दिया है।
इस रेस में महाराष्ट्र के हामिद पाटिल की पत्नी, साइरा बानो भी हैं। वो कहती हैं, अपने पति की तरह विजयी होने पर उनका उद्देश्य सशस्त्र बलों में अधिक से अधिक महिलाओं को भर्ती करना होगा। क्योंकि राष्ट्र की रक्षा में महिलाएं पुरुष से कमतर नहीं होती हैं। "
इन सबसे अलावा, लालू यादव को बिहार के जाने माने नेता हैं। वाराणसी के वकील नरेन्द्र दुबे अडीग ने इससे पहले चार बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ा है, और इस बार एक बार फिरसे उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल किया है।
तमिलनाडु के श्रीरामचंद्रन ने राजनीति में एक प्रतिष्ठित पहचान बनाई है, जो पूर्व मुख्यमंत्री के करुणानिधि, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनावी मैदान में पहले उतर चुके हैं।

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