पोस्ट

जून 18, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भोपाल गैस त्रासदी - बली का बकरा, नरसिंह राव मिल गया

इमेज
. अरविन्द सिसोदिया भोपाल गैस त्रासदी का अदालती फैसला ७ जून २०१० को आया हे , उसी दिन से प्रमुख सभी बड़े राजनेतिक और प्रशासनिक ओहदेदारों को पता हे की इस कांड के  मुख्य अपराधी  गणों में से एक  कंपनी चीफ वारेन एंडरसन  भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की रजा मंदी से ही, अमेरिका से भारत आया था और उनकी ही रजा मंदी से वापस गया . अर्जुन सिंह ने यही तो सोनिया को मिल कर बताया हे , वे बहुत ही घाघ नेता रहे हें , उनने ही एंडरसन को गिरिफ्तर करवाया होगा , घटना ही येसी थी , और वे नरसिंह राव के या किसी सेक्रेटरी के कहने से उसे छोड़ने वाले नही थे , अपने आप में वे एक हस्ती थे . राजीव गाँधी  (प्रधानमंत्री) के कहे बिना वे एंडरसन को छोड़ने वाले नही थे , चुनावी माहोल था , जरुर वह रहस्यमय फोन राजीव का ही था ,अर्जुन सिंह ने यह सोनिया को मुलाकात में यह बता दिया हे, वे कांग्रेस से नाराज भी चल रहे थे , राहुल उनकी उपेछ भी करते थे , वे जानते हें की चुप रहने में ही सारा फायदा हे ,  , इसीलिए वे और सोनिया ,बली का बकरा तलाशे बिना बोले नही रहे हें , ज्ञानी जेल सिंह का नाम भी इसीलिए उछाला की अगर कोई नही मिला तो इ