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डाऊ केमिकल्स से हमदर्दी क्यों....?

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सरकार की कोशिश , इतना पैसा मुंह पर मार दो की कोई चिल्लाये नही....!!! सबाल  गाँधी परिवार की साख का हे ...!!!   - अरविन्द सिसोदिया भोपाल गैस नरसंहार के मामले में गठित भारत सरकार के मंत्री मंडलीय समूह ने सोमबार को एक सिफारिस सोंपी   हे , जिस में  कोशिश की गई हे की इतना पैसा  मुंह  पर मार दो की कोई चिल्लाये नही ! 1500 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा को प्रधानमंत्री मंत्री मंडल की केबिनेट  बैठक में रखेंगे और स्वीक्रति भी मिलाना तय हे . मगर कही भी यह नही बताया गया की यह पैसा वे दोषी कंपनी से वसूलेंगे  की नही ! गैस कांड पर पुनर्गठित मंत्री समूह (जीओएम) के द्वारा दी गई सिफारिशों से अधिकतर पीड़ित लोग और त्रासदी में न्याय की मांग कर रहे सातों एनजीओ भी संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि सरकार द्वारा दिये गये फैसले में केवल खानापूर्ति ही की गई है। सरकार वास्तव में भोपाल गैस से पीड़ित लोगों के प्रति सहानुभूति का तो दिखावा कर रही हे, वह वास्तव में तो अमरीकी  एंडरसन और डाउ केमिकल्स के प्रति बचाव का रुख अपना रही है। क्यों की इस मंत्री समूह में कम से कम कमलनाथ तो इनके शुभ चितक के तोर