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टीम इंडिया में सचिन होना चाहिए था

फॉर्म में चल रहे खिलाडियों को बाहर बिठा कर हारना ठीक नही ....!! - अरविन्द सीसोदिया   एक हार का मतलव सीरिज हारना नही होता , क्रिकेट में अनिश्चितता  ही तो लोकप्रियता का मुख्यकारण है. मगर हम प्रयोग का काम या परखने का काम दूसरे देश से मैच खेलते वक्त ही क्यों करते हैं यह समझ से बाहर की बात है . इस टीम में सबसे  कम समय अब  सचिन के पास है , उसे आखिर रिटायर होना ही होगा  , वह बहुत ही अच्छा खेल रहा है ,उपयोगी ही नही बहुत ही उपयोगी खेल रहे हैं ,  उसे टीम से बाहर रखना ठीक नही था . वह तीन चार मैच के बाद विश्व का सबसे ज्यादा वन डे खेलने वाला खिलाड़ी बन जाता , मगर आपने जान बुझ कर , उसे इस उपलब्धि से अभी दूर किया यह ठीक नही था ,    सचिन ने आईपीएल-3 में सर्वाधिक 618 रन बनाए और किंग्स इलेवन पंजाब के मार्श का 2008 के पहले आईपीएल में 616 रन बनाने के पिछले रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद वन डे में पहला दोहरा शतक बनाया . हाल में श्री लंका में दोहरे शतक सहित भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाये और आपने उसे बाहर बिठा दिया ...? टीम इंडिया  में सचिन होना चाहिए था , फॉर्म में चल रहे खिलाडियों को बाहर बिठ

एनकाउन्टर की जांच में दोहरा मापदंड क्यों...??

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ममता के प्रश्न का उत्तर आना  चाहिए..? - अरविन्द सीसोदिया नक्सली नेता चेरुकुरी राजकुमार उर्फ आजाद के एक मुठभेड़ में मारे जाने के संदर्भ में तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और रेलमंत्री ममता बनर्जी के सोमवार को उठाये प्रश्न  पर भले ही मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ और  विपक्ष ने इस मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की हो, मगर यह तो आरोप आ ही गया कि कांग्रेस की आंध्रप्रदेश की सरकार ने यह फर्जी एनकाउन्टर किया है .  सामान्य व्यक्ति ने नही केंद्र सरकार के केबीनेट मंत्री ने यह आरोप  लगाया  है.केबिनेट मंत्री के आरोप कि जाँच भी सामान्य पुलिस नही कर सकती उसकी बात की जाँच सी बी आई  ही कर सकती है , जबाब तो इतना ही आना है कि क्या सरकार मुठभेड़ कि जाँच करेगी की यह सही थी या फर्जी थी ...? एक तरफ आप सोहराबुद्दीन शेख के मामले में गुजरात के मंत्री तक को गिरिफ्तर कर रहे हो , दूसरी तरफ आप मुंह  भी नही खोलना चाहते ..? दोहरा मापदंड क्यों...?? भाजपा और कांग्रेस कि राज्य सरकारों के मामलों में  अलग अलग द्रष्टी क्यों ..? हिन्दू और मुस्लिम में अलग अलग द्रष्टि क्यों..??  जब यह