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श्रीराम जन्मभूमि : एकमेव हल भव्य मन्दिर निर्माण

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अयोध्या की विवादित भूमि राम मंदिर ही है - अरविन्द सीसोदिया नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार २४-०८-२०१० को अयोध्या में  राम जन्मभूमि-बाबरी  के मूल मालिकाना हक से जुड़े मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के संभावित फैसले पर अपने वरिष्ठ मंत्रियों से चर्चा की। फैसला सितंबर २०१० के मध्य में आने वाला है। इसमें पिछले 60 साल से इस भूमि के मालिकाना हक पर बने विवाद को लेकर अदालत फैसला देगी। अदालत मूलत: तीन बिंदुओं पर अपना निर्णय देगी। इसमें सबसे पहला और मुख्य बिंदु यह है कि क्या अयोध्या की विवादित भूमि राम मंदिर ही है। दूसरे, क्या मस्जिद मंदिर के अवशेषों से बनी थी। तीसरे, क्या मस्जिद इस्लाम के नियमों अनुरूप बनी थी। माना जा रहा है कि अदालती फैसले के बाद इस मसले पर संवेदनशील स्थिति बन सकती है। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और रक्षा मंत्री एके एंटनी उपस्थित थे। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने गृह मंत्री से संभावित परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से किए गए उपायों व केंद्रीय स्तर पर की गई सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी हास