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भारतीय क्रांति की माता : मैडम भीखाजी कामा

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- अरविन्द सीसोदिया       मैडम भीखा जी कामा भारतीय वीरांगनाओं में से वह नाम है जिसे हम अकबर से लोहा लेने वाली गौंडवानें  की   रानी दुर्गावती और ब्रिटश सरकार को नाकों चववा देने वाली झांसी की रानीं   महारानी लक्ष्मीबाई  क़ी श्रेणीं में रखते हुए गौरवान्वित होते हैं ..!  ब्रिटिश राज्य के विरुद्ध  भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इन्होने जो वीरतापूर्ण भूमिका निभाई उसके लिए जब तक भारत का इतिहास पढ़ा जाएगा तब तक उन्हें भी पढ़ा जाएगा ..!  उनकी एक विशिष्ठ पहचान भारत के लिए विश्व स्तर  पर संघर्ष और स्वतंत्रता के प्रतीक रूप में तिरंगा झंडा विश्वस्तर पर सर्व प्रथम लहराना भी है | जिसके लिए वे प्रति वर्ष स्वतंत्रता  दिवस , झंडा  दिवस और गणतन्त्र दिवस पर याद किया जाता रहेगा ....!! उनका सम्मान एक अन्य कारण से भी है क़ी उन्होंने देवनागरी लिपी में वन्देमातरम लिख हुआ झंडा फहराकर हिन्दी और वन्देमातरम गीत को भी सम्मान दिया था ..!   सच यह है क़ी वे वन्देमातरम महा राष्ट्रगान के चौथे पेरा ग्राफ  के सामान हैं... , उन्हें कोटि कोटि नमन..,   त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी कमला कमलदल विहारिणी वाणी विद्यादायि