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अयोध्या फैसला ; कांग्रेस की चिंगारी, मुलायम कठोर

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कांग्रेस की साम्प्रदायिकता उजागर की चिदंम्बरम  ने ... - अरविन्द सीसोदिया   जब देश में एक येसा फैसला आया  , जो सबसे ज्यादा संवेदनशील हो, तब मनमुटाव और आपसी संघर्ष की याद दिलाने क्या जरुरत आ पढ़ी थी ...? इस बात को कहने की आवश्यकता नहीं होते हुए भी क्यों कहा गया..? सारा मीडिया और देश के लोग शांती के प्रयत्न में लगे थे और आप शांत, ठहरे हुए  पानी में ककड फेंक रहे थे..! आपको देश का गृहमंत्री होने का हक़ नहीं है ...! आपका दिमाग साम्प्रदायिकता से भरा पडा है...! चिदम्बरम साहव भारत को साम्प्रदायिकता क्या होती है यह आपसे  समझने की जरुरत नहीं है.., इस देश के पुरखों  ने इसे भुगता है, आप जिन्हें मुसलमान कह रहे हैं इनमें से ज्यादातर हिन्दू पुरखों  की ही संतानें हैं , सबको मालूम है की पूरी दुनिया में जबरिया मुसलमान किस तरह से बनाये गए थे.., यूरोप को भी क्रुसेड याद हैं और हमें भी हमारे विध्वंश याद हैं ..., जब देश की एक बड़ी समस्या सुलझ रही हो तो उसे सुलझाना ही सरकार का दायित्व  होता है, उसमें रोड़े डालना और उसे उलझाना , सुलझन में रोड़े  खड़े करने का प्रयत्न करना ही मूलतः साम्प्रदायिकता है जिसे आप क