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भारत जगे, श्रीराम बनें, रामराज्य फिर आये..!

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घर- घर उजियारा हो ,  जीवन में सबके दूर अंधियारा हो... - अरविन्द सीसोदिया    आप एवं आपके परिवार को दीपावली की  हार्दिक बधाई और बहुत बहुत शुभकामनाएं ...!! दीपावली का पवन पर्व बहुत पुराने समय से मनाया जा रहा हर .., यह पौराणिक पर्व है .., इससे अनेक कथाएं और घटनाएँ जुड़ी हुई हैं.., प्रमुख रूप से इस दिन राम के अयोध्या लोटने से जुड़ा हुआ माना जाता है.., उनके स्वागत में नगर वासियों ने जो दीपक जलाये थे .., वही परंपरा पूरे देश में फेल गई...!! अनादिकाल से जो दीपावली का पांच दिवसीय पर्व है उससे हमें सन्देश मिलता है कि .., यह धन की पूजा का पर्व है.., जो हमें धन के महत्व को , उसके संशाधनों को और उसकी व्यवस्था को , प्रतिवर्ष स्मरण करवाता है !  १- पहला दिन - धन तेरश - पूजा आयुर्वेद के संस्थापक धन्वन्तरी भगवान की..!     अर्थात स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है...! २- दूसरा दिन - रूप चौदस - अर्थात सोंदर्य या सुन्दर स्वरूप  भी एक धन है ..!!    इसी दिन हनुमान जी की भी पूजा होती है.., यह मित्र धन से संबध है..!!  ३- तीसरा दिन - अमावश्या - मूल दीपावली - इस दिन धन की पूजा लक्ष्मी जी के सानिध्य में होती