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डंडा और बेंत : अधिवेशन खिसयाहट

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- अरविन्द सीसोदिया कांग्रेस : मुर्गों को लड़वाओ ; वोट बैंक बनाओ मुसलमान को डरानें  के लिए हिन्दू का भय खड़ा करना  कांग्रेस का महा अधिवेशन हुआ , अधिवेशन में अपनी अपनी परिपक्वता पूरी पूरी बघारी जाती है , सो यही यहाँ हुआ ! हम पूरी तरह  योग्य हैं , विपक्ष बेबकूफ है इतना ही नहीं अपराधी भी है... यह साबित करने की कोशिस की गई ... मगर ताज्जुब यह है कि सरकार आपकी है , सीबीई आपकी है अपराधी हैं तो जेल में क्यों नहीं डालते ...! प्रतिबंधित क्यों नहीं करते ! रिपोर्ट क्यों नहीं लिखाते  , अदालत क्यों नहीं जाते ! मुसलमान अब समझनें लगा है उसनें बिहार में मुस्लिम बहुलता के द्वारा ही सबसे ज्यादा बीजेपी को ही आगे बढाया है ! करारी हर के सामने हुआ यह अधिवेशन खिसयाहट युक्त था |          यूं तो मुसलमान को डरानें   के लिए हिन्दू का भय खड़ा करना कांग्रेस की पुरानी आदत है | हिन्दू और मुसलमानों में एक न हो जाये यही कोशिस करना कांग्रेस का एजेंडा है ! यही सब कुछ अंग्रेज अपना राज बनाये रखने के लिए करते थे ! राज हम करेंगे तुम डरते और लड़ते रहो ...! बिहार के बाद ये बोखला गये .., मानसिक संतुलन खो बैठे हैं .., अनर्गल कु

फ़ासिस्टवाद ; भारत नहीं इटली की विरासत है.....

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- अरविन्द सीसोदिया मूलतः कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह, संघ और भाजपा पर हिटलर और नाजी और फासिस्ट शब्दों का प्रयोग करते वक्त यह भूल जाते हैं  कि न तो हिन्दू फासिस्ट हो सकता,न तो हिन्दू नाजी हो सकता ,न तो हिन्दू हिटलर हो सकता और  न ही इस देश को किसी अन्य देश से कोई राष्ट्रधर्म का सबक लेना है ! क्योंकि इस भारत माता ने  तो पहले ही गुरु गोविन्द सिंह, महाराणा प्रताप , रानी दुर्गावती,छत्रपति शिवाजी, झांसी  की रानी लक्ष्मी बाई , चन्द्रशेखर आजाद और शहीद भगत सिंह जैसे अनेक वीर सपूतों को पैदा किया है ! शकों और  हूणों  से लेकर अंग्रेजों  तक देश के हर संघर्ष को यहाँ के हिंदुत्व ने ही विजयी बनाया है !  सिंह साहब ये शब्द वहां के हैं जहाँ से यू पी ए की अध्यक्षा सोनिया गांधी हैं और वे ही इन कृत्यों की रोशनी को ज्यादा समझतीं हैं.....! उनके पिता जी को महान फासिस्ट बेनेतो मुसोलीन के लिए काम करने का अनुभव रहा है ...! हिन्दुओं को क्या सीख देते हो, सीख देना है तो कांग्रेस पर सवार फासिज्म को सीख  दें कि इस देश का संविधान व्यक्तिवाद , वंशवाद और अधिपत्य प्रणाली को तरजीह नहीं देता इसलिए जानता कि दशा  और दिश