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दिसंबर 24, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारत परमाणु समपन्न महाशक्ति

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- अरविन्द सीसोदिया      भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के ८७वें जन्म दिन ( २५ दिसम्बर २०१० )को भारतीय जनता पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में धूमधाम से मना रही है जिसमें पार्टी के प्रमुख नेता विभिन्न स्थानों पर अटलजी के जन्म दिन के कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। अटल जी काफी समय से अस्वस्थ  हैं वृद्धवस्था में इस तरह की अस्वस्थता आजाती है सो आश्चर्य भी नहीं है ! सब कुछ समय गति है |      अटल जी नें  ही प्रधान मंत्री रहते हुए, भारत को परमाणु शस्त्र समपन्न देश के रूप में गौरवानिवित करवाया , यह उसी करिश्में का फल है कि हाल ही में साल २०१०में विश्व कि सभी परमाणु शक्तियाँ आपके दरवाजे पर नमस्कार करने आईं ..! भारत को एक महा शक्ति के रूप में स्थापित करने का श्रेय सिर्फ और सिर्फ अटल जी को जाता है !!! भगवान उन्हें खुश रखे यही देश इस अवसर पर शुभकामना कर सकता है | उन्होंने भारत माता के एक एसे सपूत का कर्तव्य पूरा किया जो मातृ भूमी को परम वैभव के सिंहासन पर आरुड़ करने के सपने देखता था ...!            भारतीय परमाणु आयोग ने पोखरण में अपना पहला भूमिगत परिक्षण १८ मई, १९७४ को किया था। हलाकि उ

पाकिस्तान में हिन्दुओं पर अत्याचार , चुप भारत सरकार

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- अरविन्द सीसोदिया   पाकिस्तान और बांगलादेश सहित दुनिया भर में हिन्दुओं पर होने वाले  अत्याचारों और शोषण के विरुद्ध भारत सरकार का प्रतिक्रिया में उतना उत्साह नहीं होता जिस की आवश्यकता है ! भारत सरकार हमेशा ही इस तरह का रोल अदा करती है जैसे उसे भारत वंशियों से कोई लेने देना ही नहीं है ! ठंडी और आधी अधूरी कोशिशें कभी भी परिणाम प्राप्त नहीं कर पाती  और भारतीयों  या भारतीय मूल और भारतीय पंथों के लोगों का उचित संरक्षण नहीं हो पाता जो कुल मिला कर हिंदुत्व से जुड़े लोगों पर घातक प्रभाव छोड़ रहा है ! भारत सरकार को इस और सही और जबाव देही से कोशिशें करनीं चाहिए आखिर वह ८५ प्रतिशत हिन्दुओं के वोट से ये सरकार   बनती है !   पाकिस्तान का हालिया घटना क्रम ... ***       इस्लामाबाद.पाकिस्तान में हिंदुओं के धार्मिक नेता लखीचंद गर्जी का अपहरण कर लिया गया है। वे बलूचिस्तान प्रांत के कलात जिले में स्थित काली माता मंदिर से जुड़े हुए हैं। उनके अपहरण की घटना के खिलाफ हिंदू समुदाय के लोगों ने कई जगहों पर प्रदर्शन किए। इस बीच तालिबान द्वारा दो सिखों के अपहरण और उनका सिर धड़ से अलगर करने के बाद एक हिंदू युवक के

भाजपा नहीं कांग्रेस देश से माफ़ी मांगे...

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- अरविन्द सीसोदिया        विपक्ष के लोग इटली से आये हुए नहीं जो कांग्रेस पार्टी और सरकार उसका इतना अपमान करनें में लगे  है ! विपक्ष के लोग इस देश कि अनादी संस्कृती के वंशज हैं जरा यह ध्यान रहे , सरकार और कांग्रेस अपने व्यवहार को लोकतान्त्रिक बनाये , आश्चर्यजन लूट हुई है हिसाब तो देना ही पडेगा ..! इसमें झुन्झलानें से काम थोड़े ही चलता है !    मुझे कई बार देश के महामहिम मीडिया पर तरस आता है कि उसकी वह वीरता कहाँ खो गई जो देश के स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान मुखर हो कर राष्ट्र स्वाभिमान  के लिए प्रज्वलित थी ! वह रचनात्मक विश्लेष्ण , विचार विनिमय सब कुछ गिरवी थोड़े ही रखा जाता है ! हमने नैतिक मूल्यों  पर हो रहे आक्रमण पर ठोस  प्रहार क्यों नहीं करने चाहिए ..? इसलिए हम कोंन नजर अंदाज करें कि कुछ मीडिया कर्मी इस में शामिल हैं ? मीडिया पर जिस तरह से पूंजीवादियों के सिकंजा कसा है उसे तोड़ कर बाहर आना होगा , मालिक  लोग राष्ट्रहित , सत्य और नैतिकता से खिलवाड़ नहीं कर पायें इस हेतु मीडिया को ही सशक्त होना होगा ! आज  मीडिया को यह पूछना ही चहिये की केंद्र सरकार नैतिकता और मर्यादा कि किसा पायदान पर क

अटल जी : जिनके मुखसे बोलती थी, भारत की अंतरात्मा

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- अरविन्द सीसोदिया ( कोटा )       श्री अटल बिहारी वाजपेयी 16 से 31 मई, 1996 और दूसरी बार 19 मार्च, 1998 से 13 मई, 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद वे ऐसे अकेले प्रधानमंत्री रहे हैं जिन्होंने लगातार तीन जनादेशों के जरिए भारत के प्रधानमंत्री पद को सुशोभित किया। श्री वाजपेयी, श्रीमती इन्दिरा गांधी के बाद ऐसे पहले प्रधानमंत्री रहे हैं जिन्होंने निरन्तर चुनावों में विजय दिलाने के लिए अपनी पार्टी का नेतृत्व किया।        श्री वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर, 1924 को ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री कृष्ण बिहारी वाजपेयी और माता का नाम श्रीमती कृष्णा देवी है। श्री वाजपेयी के पास 40 वर्षों से अधिक का एक लम्बा संसदीय अनुभव है। वे 1957 से सांसद रहे हैं। वे पांचवी, छठी और सातवीं लोकसभा तथा फिर दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं तेरहवीं और चौदहवीं लोकसभा के लिए चुने गए और सन् 1962 तथा 1986 में राज्यसभा के सदस्य रहे। वे लखनऊ (उत्तरप्रदेश) से लगातार पांच बार लोकसभा सांसद चुने गए। वे ऐसे अकेले सांसद हैं जो अलग-अलग समय पर च

तारीखवार अटल जी की राजनातिक यात्रा

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अरविन्द सीसोदिया निम्नलिखित पदों पर आसीन रहे  1951 - भारतीय जनसंघ के संस्थापक-सदस्य (B.J.S) 1957 - दूसरी लोकसभा के लिए निर्वाचित 1957-77 - भारतीय जनसंघ संसदीय दल के नेता 1962 - राज्यसभा के सदस्य 1966-67 - सरकारी आश्वासन समिति के अध्यक्ष 1967 - चौथी लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित (दूसरी बार) 1967-70 - लोक लेखा समिति के अध्यक्ष 1968-73 - भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष 1971 - पांचवीं लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित (तीसरी बार) 1977 - छठी लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित (चौथी बार) 1977-79 - केन्द्रीय विदेश मंत्री 1977-80 - जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य 1980 - सातवीं लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित (पांचवीं बार) 1980-86 - भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष 1980-84, 1986 और 1993-96 - भाजपा संसदीय दल के नेता 1986 - राज्यसभा के सदस्य; सामान्य प्रयोजन समिति के सदस्य 1988-90 - आवास समिति के सदस्य; कार्य-संचालन सलाहकार समिति के सदस्य 1990-91 - याचिका समिति के अध्यक्ष 1991 - दसवीं लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित (छठी बार) 1991-93 - लोकलेखा समिति के अध्यक्ष 1993-96 - विदेश मामलों सम्बन्धी समिति के अध्य