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किन किन भारतीय नेताओं ने सुभाष बाबू को सोंपनें का सौदा किया था

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- अरविन्द सीसोदिया २३ जनवरी १८९७ में , आज के ही दिन जन्में थे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस , जिन्होनें भारत कि स्वतंत्रता के लिए अदम्य  सहास  का प्रदर्शन करते हुए अपना जीवन भारत माता के चरणो में समर्पित कर दिया ! उनके सहास और बलिदान का मूल्यांकन यह है कि आज भी देश उन्हें जीवित देखना चाहता है और मानता है कि वे जीवित होते तथा भारत में होते तो देश विभाजित नहीं होता ...! अंग्रेजों की द्रष्टि में सुभाष भी सावरकर की ही तरह मानसिक रूप से घोर ब्रिटिश विरोधी थे ,तत्कालीन  ब्रिटिश प्रधान मंत्री एटली ने  ब्रिटिश संसद में घोषणा की थी कि भारतीय नेताओं से उनका समझौता हो गया  है सुभाष जैसे ही पकड़ में आयेंगे वे उन्हें ब्रिटेन को युद्ध अपराधी के रूप में सोंप देंग | उस समय भारतीय  नेता तो जवाहर लाल नेहरु ही थे ! आज यह जरुरी है कि यह भी जांच हो कि किन किन भारतीय नेताओं ने सुभाष  बाबू को सोंपनें का सौदा किया था ! - इस समझोते का अर्थ यह है कि नेताजी सुभाष की हवाई दुर्घटना में मौत नहीं हुई थी !  भारत की पहली सरकार ....  -  पूर्व एशिया पहुँचकर सुभाषबाबू ने सर्वप्रथम, वयोवृद्ध क्रांतिकारी रासबिहारी बोस से भ