पोस्ट

फ़रवरी 2, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए राजा (A Raja) गिरफ्तार : गाड मदर और गाड फादर कहाँ गये...?

इमेज
                                                             साभार -     janokti.com - अरविन्द सीसोदिया      अलीबाबा चालीसा चोर में से एक चोर गिरिफ्तार हो गया , बहुत विलम्ब से ..., संभतः वे सारे सबूत जो मिटाए जा सकते थे उन्हें  मिटानें के बाद ...! मगर अभी तो बहुत से अपराधी और बहुत  से अलीबाबा तो पिक्चर से बाहर हैं ही ..! ए राजा तो बहुत मामूली चीज था .., उससे ऊपर तो उनके  दल डीएमके के सुप्रीमो करुणा निधी थे ...! फिर उनके गठबंधन यू पी ए के सुप्रीमो मैडम सोनिया जी थीं ...! जिस घोटालें में उन्हें गिरिफ्तर किया गया है वह लाख दो लाख का तो था नहीं ..! जो किसी को कुछ पता नहीं ...! ये तो एक इस तरह की राशी का है जिसमें पूरे  गठबंधन ने ही प्रशाद मिल बाँट कर खाया होगा ! फिर अपराधी और गिरफ्तारी एक की क्यों ...? गाड मदर और गाड फादर कहाँ गये...? न्याय तो तभी होता जब वे भी साथ साथ बंदी बनाये गये होते ...!  ***   केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए राजा (A Raja) को आज गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने पूर्व द

ईसाई मिसनरियों से, सर्वोच्च न्यायालय का डरना और पीछे हटाना खतरे की नई घंटी

इमेज
- अरविन्द सीसोदिया  जब उड़ीसा में ग्राहम स्टेंस को जिन्दा जला कर मारा गया था , तब हिंदी पत्रिका इण्डिया  टुडे ने ग्राहम के टिकिट  नुमा बहुत से चित्र मुख्य पृष्ठ पर छापे  थे , इस घटना की इक तरफ़ा निंदा की थी ...! मेंने इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप एक लंम्बा पत्र भेजा था की सारी दुनिया में किसा तरह से इसाइयत को हिंसा और अन्य बहुत से गलत रास्तों से फैलाया गया ..! मेरे पत्र की मात्र कुछ लाइनों को  इण्डिया  टुडे ने अपने अगले अंक में जगह दी थी , उन्होंने कलर्ड बोक्स पत्र के रूप में इसे छापा था ...!      सच यही है की चर्च और पोप के नेतृत्व में पूरी दुनिया को जबरिया ईसाई बनानें का अभियान चल रहा है .., पहली सहस्त्रावदी में यूरोप को , दूसरी में अमेरिका , आस्ट्रेलिया और अफ्रीका को ईसाई बनाया गया ..., अमेरिका में मूल निवासी रेड इंडीयंस  को पशुओं की तरह  शिकार करके मारा गया ! मुसलमानों के साथ ८/१० बड़े धर्म युद्ध लडे गये ..! अब इस सहस्त्रावदी में भारत के रास्ते सम्पूर्ण एशीया को ईसाई बनानें का उद्देश्य है , ये कोई अनुमान नहीं पोप द्वारा घोषित ईसाई विस्तार कार्यक्रम है ....! एक कैथोलिक महिला को भारत

बेरोजगारी की भयावह स्थिति

इमेज
- अरविन्द सीसोदिया           बेरोजगारी एक आर्थिक समस्या हे किन्तु इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी युवा मस्तिष्क पर पड़ता हे !अपने लिए  आजीविका ना जुटा पाने के कारण युवक निराश हो जातें हें ! बात-बात पर क्रोध करना उनकी प्रवृत्ति बन जाती हे जिससे समाज कि शांति ही नहीं भंग होती अपितु नैतिक चरित्र का भी पतन होने लगता है, क्यूंकि निराशा ओर आक्रोश से भरा युवक कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाता हे ! कहा भी  गया हे  -बुभुक्षितः नराः किं न करोति पापं '   अर्थात भूखा  व्यक्ति कौनसा पाप नहीं करता !  बेरोज़गारी कि समस्या का समाधान करके ही समाज में शांति एवं नेतिकता कायम कि जा सकती है !           स्वतंत्रता - प्राप्ति के पश्चात जन संख्या की भारी  वृद्धि के कारण भी बेरोजगारों की संख्या  बढ़ गयी है ! हस्तकला  एवं कुटीर उद्योगों द्वारा बन्ने वाली वस्तुओं का उत्पादन मशीनों से होने लगा जिससे काम काजी हाथ बेकार हो गए, उन हाथों को अन्य कार्य तालाशने के लिए बाध्य होना पढ़ा कम्पुटर एवं स्वाचालित मशीनों के प्रयोग ने तो बेरोज़गारी की समस्या जटिल बना दिया है ! सच यह है कि अति मशीनीकरण ही बेरोजगारी का करण है