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S-Band spectrum scam : Prime Minister Department India govt hit a new telecom scandals

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- arvind sisodia , kota , rajsthan  S-Band spectrum row: ISRO deal under review, says govt डेली भास्कर.इन  New Delhi: Close on the heels of the 2G scam, ‘revelations’ of another spectrum scam have put the Centre under further pressure. The new row revolves around the manner in which spectrum for S-Band frequencies was allocated by the Indian Space Research Organisation (ISRO). Relying on a newspaper report, the BJP, cornering the government over the issue, has demanded a probe from the Prime Minister on the sale of S-Band spectrum without competitive bids to private companies. The loss to the exchequer is close to Rs 2 lakh crore, the party claimed at a press conference on Monday. Meanwhile, reacting to the issue, the Department of Space has come out with a clarification that the pact between ISRO and Devas Multimedia was already under review and the department will take all necessary steps to safeguard people’s interests. According to a report in The Hindu, the Comptroller and A

देश के लुटेरों का एक और सच :दुर्लभ एस-बैंड स्पेक्ट्रम आवंटन

- अरविन्द सीसोदिया  वर्ष २००५  में भारतीय अंतरिक्ष शोध संस्थान (इसरो) के व्यवसायिक धड़े एंट्रिक्स कॉपोरेशन लिमिटेड और देवास मल्टी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर २० वर्ष का करार हुआ था।  सीएजी का आरम्भिक आकलन है कि इस करार से सरकारी खजाने को कम से कम दो लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इससे पूर्व में सीएजी ने २ जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में १.७६  लाख करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया था।  "यह अंतरिक्ष मंत्रालय का मामला है और यह मंत्रालय सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अधीन है। इसलिए प्रधानमंत्री सीधे इस मामले पर अपना बयान दें यह लाजमी है।" एक रिपोर्ट ...... कैग ने 28 जनवरी 2005 को इसरो की व्यावसायिक इकाई एंट्रिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड और निजी कंपनी देवास मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए स्पेक्ट्रम समझौते की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में कहा है कि इस समझौते से सरकार को दो लाख करोड़ के नुकसान होने की संभावना है कैसे पहुंचाया नुकसान          रिपोर्ट के अनुसार, 600 करोड़ के समझौते के तहत इसरो ने देवास मल्टीमीडिया के लिए दो उपग्र