पोस्ट

अप्रैल 7, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भ्रष्टाचार और गरीवी : फ़िलहाल बातें ही बातें ...

भ्रष्टाचार और गरीवी : फ़िलहाल   बातें  ही बातें ... भ्रष्टाचार के विरुद्ध तब तक कोई भी कामयाब नहीं हो सकता , जब तक की हम हर व्यक्ति के १८ साल के (वयस्क )होनें पर संपत्ति को रिकार्ड करें ..,और हर साल दर साल  यह रिकार्ड होना चाहिए .., तभी यह नियंत्रण हो सकता है ..! वर्त्तमान में सरकार सम्पत्ति के रिकार्ड की पुख्ता व्यवस्था नहीं करती .., इसी कारण सारी चोर बजारी चल रही है ..! अन्ना हजारे की कोई भी मुहीम आम आदमी के काम की नहीं है .., क्यों की आम आदमी को चाहिए सम्पत्ति और संसाधनों में हिस्सेदारी .., जो क़ी उनकी मांग में शामिल नहीं है ..! देश के आम आदमी के लिए कुछ किये बिना देश की तक़दीर और तस्वीर नहीं बदल सकती ..! अरविन्द सिसोदिया , कोटा, राजस्थान | 9414180151

Anna hazare........

इमेज
http://www.indiareport.com/India-usa-uk-news/latest-news/1025914/National/1/22/1 New Delhi (07 Apr ,2011), (PTI) .   Social activist Anna Hazare's fast-unto-death entered the third day here Thursday even as a large number of people from various walks of life continued to extend support to the crusader for a stronger anti-corruption law., 72-year-old Hazare's protest has led to the resignation of Agriculture Minister Sharad Pawar from the Group of Ministers on corruption after the Gandhian took potshots at him. Prime Minister Manmohan Singh had yesterday discussed with some Cabinet colleagues the issue after which indications emerged that one or two ministers could be nominated to talk to the activist. The general sense at the informal confabulations was that there was a need to defuse the situation that had arisen due to the fast-unto-death campaign launched on Tuesday which is getting support from the increasing number of people. Asked if Hazare has been cont

अन्ना हजारे कौन है ..?

इमेज
- अरविन्द सिसोदिया  * अन्ना हजारे कौन है यह प्रश्न हर शख्स के मन में गूँज सकता है , ये छोटे महात्मा गांधी के नाम से जाने जाते  हैं , इनका नाम महाराष्ट्र में बहुत है !इन पर प्रकाशित सामग्री के आधार पर एज परिचय., प्रस्तुत है ..!! (आज तक के साभार से ....) अन्ना  हजारे का वास्‍तविक नाम किसन बाबूराव हजारे है.15 जून 1938 को महाराष्ट्र के अहमद नगर के भिंगर कस्बे में जन्मे अन्ना हजारे का बचपन बहुत गरीबी में गुजरा. पिता मजदूर थे, दादा फौज में थे. दादा की पोस्टिंग भिंगनगर में थी. अन्ना के पुश्‍तैनी गांव अहमद नगर जिले में स्थित रालेगन सिद्धि में था. दादा की मौत के सात साल बाद अन्ना का परिवार रालेगन आ गया. अन्ना के 6 भाई हैं. परिवार में तंगी का आलम देखकर अन्ना की बुआ उन्हें मुम्बई ले गईं. वहां उन्होंने सातवीं तक पढ़ाई की. परिवार पर कष्टों का बोझ देखकर वह दादर स्टेशन के बाहर एक फूल बेचनेवाले की दुकान में 40 रुपये की पगार में काम करने लगे. इसके बाद उन्होंने फूलों की अपनी दुकान खोल ली और अपने दो भाइयों को भी रालेगन से बुला लिया. छठे दशक के आसपास वह फौज में शामिल हो गए. उनकी पहली पोस्ट

गणगौर

--- गोर गोर गोमती ईश्वर पूजे पार्वती  पार्वती का आला लीला गोर को सोना का टीला टीला दे टपका रानी व्रत करे गोरा दे रानी करते-करते आस आयो मास आयो खेडे खाण्डे लाडू आए  लाडू ने बीरा ने दियो बीरो लेम्हेन साड़ी साड़ी में सिंगोड़ा बाड़ी में बिजोरा राण्या पूजे राज मेंन्हका सवाग में स्वाग भाग कीड़ी ये, कीड़ी थारी जात है जात पड़े गुजरात है गुजरात्यारो पाणी आयो दे दे खूटया ताणी आयो आँखा फूल कमल की डोरी ------ खेलन देओ गणगौर, पूजन देओ गणगौर, भँवर म्हाने पूजन खेलन देओ गणगौर। राजस्थान में आजकल हर गल ी- मोहल्ले चौबारे में यह गीत सुनने को मिल जाएगा। यह है रंग-रंगीले राजस्थान की लोक संस्कृति की एक बानगी। जब मेले-त्योहार की बात चले और राजस्थान का नाम जुबाँ पर नहीं आए, यह त ो  हो नहीं सकता। आखिर राजस्थान का दूसरा नाम है ही लोक संगी त,  त्योहार और मेले।  चैत्र मास में रंगों का त्योहार होली दहन के दूसरे दिन से ही सजी-धजी चहकती नवयौवनाएँ सोलह श्रृंगार किए नवविवाहिताएँ उमंग उल्लास से ए क- दूसरी सहेली से हँस ी-  मजाक ठिठोली करते हुए 'बाड़ी ताला बाड़ी की किवाड़ी खोल, छोरियाँ आई दूब ने,