पोस्ट

अप्रैल 10, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अन्ना को स्वंय शासन की वागडोर अपने हाथ में लेनी होगी ..!

चित्र
- अरविन्द सिसोदिया               मुख्य  सवाल यह है की योग्य आदमी कहाँ हैं ..? महात्मा गांधी जी ने देश नेहरु जी  के सुपुर्द किया नेहरु जी नें बंटाधार कर दिया ..!!! जिन्ना  से हारे , पाकिस्तान से हारे , तिब्बत छोड़ा और चीन से  भी हारे ..!!! १९७५ में जयप्रकाश नारायण के आव्हान पर संघर्ष चला देश ने आपातकाल भोगा , १९७७ में देश नें  जनता पार्टी को सरकार सोंपी कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया, इंदिरा गांधी तक को हरा दिया ..! मगर ढाक   के तीन पात आपस में लडे और टूटे .., अंततः जनता को मजबूर हो कर फिरसे सत्ता  कांग्रेस को सोंपनी पड़ी ..! विश्वनाथ प्रताप सिंह भी ईमानदार बन कर निकले थे ..? देश उनके साथ था ..! सत्ता में आते ही उन्होंने देशवासियों को आपस में लडाना  प्रारम्भ कर दिया नतीजा वे भी सत्ता से बाहर हो गए ..! फिरसे दोहराता हूँ कि मुख्य  सवाल यह है kii    योग्य आदमी कहाँ हैं ..? हाल ही में संयुक्त कमिटी गठन में जब स्थिति यह बनीं कि बाप - बेटे ही एक कमेटी में आ गए .., पूर्व केन्द्रीय विधि मंत्री शांति भूषण की जरुरत ही नहीं थी .., पुलिस अधिकारी रहीं किरण वेदी को लिया जाता तो एक महिला भी हो जाती