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अप्रैल 17, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आने लगी आहट.., अगले मुख्य मंत्री की ....

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- अरविन्द सिसोदिया  बांरा जिले के दौरे में आगाज हो चुका है की राजस्थान की जनता किस कदर गहलोत शासन से त्रस्त हो कर उसके खिलाफ है और पूर्व मुख्यमंत्री महारानी वसुंधरा राजे को पुनः मुख्यमंत्री पद पर देखने को आतुर है ....इस जिले में चारों विधायक कांग्रेस से हैं .., मगर जिस तरह से राजे के स्वागत में आम जनता सड़कों पर  उतरी , सडकों के दौनों और पैर रखनें को जगह नहीं थी .., उसनें कांग्रेस के होश उड़ा दिए हैं ..! सफलतम दौरे के लिए बधाई ..!!!  बारां।  पूर्व मुख्य मंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष तथा राष्ट्रिय महामंत्री भाजपा महारानी  वसुंधरा राजे ने अंत में  पंचायत समिति में कार्यक्रम संबोधित करते हुए प्रशासनिक वर्ग को स्पष्ट चेतावनी दी है की वे राजनैतिक आधार पर लोगों को परेशान करनें से बाज आयें | प्रशासन ज्यादतियां  करना बंद करे | सरकारों के हाथ लम्बे होते हैं .., आनेवाली सर्कार बख्सेगी नहीं ..||  प्रशासन परेशान करेगा तो उसे याद रखा जाएगा ..!! ज्ञातव्य रहे की यहाँ की सभी विधान सभा सीटों पर  कांग्रेस के विधायक होनें से  प्रशासन  उनके भारी दवाब में है | छोटे छोटे कामो  में तक राजनैतिक भेदभाव क

क्या बन पायेगा सख्त लोकपाल कानून ....?

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- अरविन्द सिसोदिया           मुझे  नहीं लगता की जिस सख्त लोकपाल विधेयक की बात अन्ना और उनके  हमसाया कर रहे थे वह बन पायेगा...! क्यों कि शांति भूषण और प्रशांत भूषण टिकाऊ व्यक्ति नहीं हैं .., ये विधेयक बनाने वाली  कमेटी  में  वह सख्त रुख रख ही नहीं पाएंगे.., जिसकी चिल्लाचोंट बहार मचा रहे थे ..., पहली ही बैठक में आगया की संविधान संशोधन से बचेंगे ...? जिसका सीधा - सीधा अर्थ है कि हम उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार को बनाये रखेंगे ! जबकि जरुरत है लोकतंत्र के चारों पायदानों में व्याप्त  भ्रष्टाचार के नियन्त्रण की.., केंद्र सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार पर पूरा देश आक्रोशित है , इस भ्रष्टाचार में मीडिया की भागेदारी से पर्दा उठा चुका है .., बड़े मीडिया घरानें अब किस हद तक अपनी ताकत का बेजा फायदा उठा रहे हैं .., आज आधा मीडिया पेड न्यूज पर परोक्ष / अपरोक्ष आ चुका है ! मुख्य पृष्ठ ही पेड़  न्यूज बनजाता है !!!  यह किसी से छुपा नहीं है ..!! आनेवाले पांच साल में सही न्यूज के लिए समाज तरसा जाएगा | दूसरी तरफ नेताजी भ्रष्ट हैं इसी का फायदा तो अफसरशाही या नौकरशाही उठा रही है ..., नेता जी दो गलत कम करवाते हैं तो