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सत्य साई : नाशवान शरीर छोड़ना ही होगा .....

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- अरविन्द सिसोदिया   भारतीय मान्यताओं में विलक्ष्ण शक्ति से युक्त अवतार होनें की पुष्ठी अनेकों  अवसरों पर की है और अन्तः यह नाशवान शारीर छोड़े ने के  भी प्रमाण है ..! श्री कृष्ण ने भी अपना शरीर छोड़ दिया था ..!! सांई ने भी शरीर छोड़ दिया है .., हिदू दर्शन आत्मा को अमर होने और स्थूल शरीर का सूक्ष्म शरीर होनें की बात पहले से ही कहता आया है ! सत्य साई को भी जाना ही था .., सभी को मरना और फिरसे आना है ..! हमारी सच्ची सद्भावना यही हो की हम .., दृश्य जगत के अतिरिक्त अदृश्य जगत के अस्तित्व को स्वीकार करें और समय समय पर उन परम शक्तियों  के द्वारा दिखाए मार्ग पर चलें .., सम्पूर्ण सृष्टि का निर्माता एक है .., उसको अलग अलग नाम हमनें ही दिए हैं और हम ही बेकार में आपस में लड़ते रहते हैं ..! उसके लिए हर जीव उसकी संतान है ..! सच्ची भक्ति भी यही है कि समाज में सुधार के प्रयत्न करें ..!! एकता  सदभाव और समन्वय के प्रयत्न करें ..!!! ------ आजतक कि अभिव्यक्ति  http://aajtak.intoday.in/story आम आदमी से लेकर राष्ट्रपति तक उनके भक्तों में शामिल रहे हैं, लेकिन पुट्टपर्थी के सत्य साईं बाबा के आध्यात्मिक प्रभाव