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२ जी - खिसयानी बिल्ली खंभा नोंचे .....

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- अरविन्द सिसोदिया      २ जी स्पेक्ट्रम घोटाले में प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह का परोक्ष अपरोक्ष सहयोग से पूरा देश सहमत है ..., देश को लूटनें वाले दल और लोग ( इनमें कांग्रेस के 7 और द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के 2 सदस्यों के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) के रेवती रमण सिंह तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बलिराम कश्यप भी शामिल थे।  ).., लोक लेखा समिति (पीएसी) में   सबूतों के बजाये बहुमत के आधार पर जिन्दा मक्खी निगलनें में लगे हैं ..,हाला गुल्ला निर्ल्लज हरकतों की  इस पूरी नौटंकी से देश में आक्रोश  ही व्याप्त होगा ..! कांग्रेस सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली जैसा बर्ताव देश के साथ कर रही है !  स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय को आड़े हाथों लेने और प्रधानमंत्री पर परोक्ष आक्षेप करने वाली लोक लेखा समिति (पीएसी) की रिपोर्ट पर आज जमकर हंगामा हुआ और समिति की बैठक में नाटकीय घटनाक्रम के बाद उसे स्वीकार नहीं किया जा सका। केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के खेमे का दावा है कि रिपोर्ट के मसौदे को बहुमत से खारिज कर दिया गया। लेकिन विपक्षी खेमे के मुताबिक मसौदा

जब नेता बेईमान हो जाता है .....

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- अरविन्द सिसोदिया  कविता भी है व्यंग भी है .... .... जब नेता बेईमान हो जाता है ..... ==१== जब नेता बेईमान हो जाता है , निति मर जाती है न्याय मर जाता है , जिधर  देखो ; उधर शैतान नजर आता है , विश्वाश में विष ;आशीर्वाद में आघात , हमदर्दी में दर्द ही दर्द ; मिठास में मधुमेह , पावनता में पाप ही पाप ,और... इमानदारी में महा बेईमान घटित हो जाता है ..! ==२== भगवान भी जिसके भय से कांपने लगता है , राष्ट्र धर्म भी प्राण बचा कर भागनें लगता है , सूरज भी पश्चिम से उगता है यारों .., जब राज सिंहासन बेईमान हो जाता है ..! लोगों का जीवन नर्क बन जाता है , बातों की नकाबों में ,इन शैतानों में , सम्पत्ति की होड़ में - धन की लूट में  .., बीस साल पहले जिस पर कौड़ी भी नहीं ..? वह करोड़ पतियों में भी सिरमौर नजर आता है ..! ==३== गले में महानता के उसूल टांगे, वाणी में संतों के स्वर साधे, जो मिले उसे लूट लेना है मकशद , लगे हैं अपनी हवस मिटानें , असल इंतजाम तो ..., अगली अस्सी पीढ़ी का कर के जाना है यारों ...!! ==४== जो मिले..,जितना मिले.., जहाँ मि