पोस्ट

अप्रैल 29, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

चोर चोर , मौसेरे भाई: प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार के पितामह हैं ..!

इमेज
- अरविन्द सिसोदिया    जिस तरह से लोक लेखा समिति के द्वारा दी जा रही सही जानकारी को रोकनें के लिए कांग्रेस ने जो  तमाशा किया गया वह संसदीय लोकतंत्र में शर्मनाक है | सत्य तो साफ है की प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार के पितामह हैं ..! एक नहीं अनेक मामलों में साफतौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय की संलिप्तता  भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेवार है | इसमें आग में पेट्रोल का काम आय से अधिक सम्पत्ति जुटा लेने वाले मुलायम सिंह और मायावती ने उन पर चल रहे सी बी आई के प्रकरणों के दवाब में , कांग्रेस की हांजी हांजी कर एक गुलाम के रूपमें प्रस्तुत किया है | अपने को दम हिलाऊ .. की तरह ही निन्दा का पात्र बना लिया है | इससे यह तो साबित हो गया की चोर चोर मौसेरे भाई..... ------- पीएसी की गुरुवार २८.०४.२०११ को हुई हंगामेदार बैठक के बाद इसके अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी भाजपा, अन्नाद्रमुक, बीजद और वाम सदस्यों के सहयोग से 2जी स्पेक्ट्रम पर तैयार विवादास्पद मसौदा रिपोर्ट को शनिवार को समिति का कार्यकाल समाप्त होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को पेश करने की संभावना पर गौर कर रहे हैं। बताया जाता है कि जोशी ने शुक्

कांग्रेस गुंडागर्दी का बेनकाव चेहरा : पीएसी में उपद्रव

इमेज
- अरविन्द सिसोदिया        २८ अप्रेल २०११ को एक सुनियोजित तरीके से , निहित स्वार्थ हेतु ,संसद की गरिमा पर ,कांग्रेस के नेतृत्व में यू पी ए ने हमला किया ..! प्रधान मंत्री अपने को लाख पाक साफ बताते हों .., असल में ये ही  देश के लुटेरों का दलाल है ! चाहे २ जी का मामला हो ,चाहे  एस बैंड स्पेक्ट्रम का मामला हो ,  चाहे सुरेश कलमाड़ी की लूट में मणिशंकर अय्यर का प्रधानमंत्री को पत्र द्वारा सचेत करने का मामला हो या थामस साहब की गलत नियुक्त का मामला हो ..!! प्रधानमंत्री जी  स्वंय और उनका कार्यालय पाप का स्थापक रहा है | वे करें भी तो क्या ..? वे तो रिमोट प्रधान मंत्री हैं ..!!! लूट की हो या पी ए सी में हंगामें की बात हो .., असल कर्ता धर्ता तो कांग्रेस और यू पी ए का नेतृत्व है जिसके इशारे के बिना यह संभव ही नहीं !!!!! इस नेतृत्व को कांग्रेस के राष्ट्रिय अध्यक्ष सीताराम केसरी को लात मार कर हटाने का अनुभव है !!! यह फासिस्ट मानसिकता भी इटली में ही जन्मी है , फासिस्ट गतिविधियों का अनुभव भी वहीं से आया है !!!  यह इतिहास है जब जब कांग्रेस पर बात आती है तब तब वह आक्रमण पर उतर आती है , विपक्ष की आवाज बंद