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जिन्ना सनकी थे,पागल थे - माउंटबैटन

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- अरविन्द सीसौदिया माउंटबैटन - जिन्ना सनकी थे,पागल थे,बिलकुल असंभब..!  मैं नहीं समझता हम उनके मरने का इंतजार करते.....न हमारे पास समय था, न हम निश्चित थे,लेकिन हम उनके साथ दूसरों की तरह बहस कर सकते थे। मैंने सोचा था कि मैं एक ऐसे आदमी के साथा पेश आ रहा हमं जो हमेशा बना रहेगा। जिसका लक्ष्य पाकिस्तान है और मैं उसे इस लक्ष्य से हटा नहीं सकता था। एक पल मान लीजिए कि अगर सत्ता के हस्तांतरण के पहले जिन्न मर जाते तो अपने सबसे बउे दुश्मन के हट जानें से कांग्रेस पार्टी निश्चित ही राहत की सांस लेती। बाकी लोगों को सिर्फ जिन्न की छाया माना जाता था। तब हम ऐसे आाधार पर काम करते जहां कांग्रेस को कहीं जादा देनें के लिए तैयार हो जाता और दूसरे लोग उसे स्विकार करते। भयंकर बात है कि हमें कुछ भी नहीं बताया गया। (पृष्ठ 57) माउंटबैटन - ....अगर जिन्ना दो वर्ष पहले अपनी बीमारी से मर जाते तो हम भारत को एक रख सकते थे। वही थे जिन्होंने इसे असम्भव बना दिया था। जब तक में जिन्ना से मिला नहीं , मैं सोच भी नहीं सकता था कि कितनी असम्भव स्थिति है। (पृष्ठ 60) जिन्ना- नहीं। मैं भारत का एक हिस्सा नहीं बनना चाहता। हिन्दू रा

एक नादानी जीवन भर का संकट ..

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एक नादानी जीवन भर का संकट .. जयपुर में एक सरकारी  कमर्चारी ने अपनी सारी उम्र की कमाई,आखिरी दिन आखिरी छड़ों में गँवा दी ....!! इस आदमी का बुढ़ापा ख़राब हो गया , न जानें कितने चक्करों के बाद यह सुलझेगा या फंसेगा, भगवान जानें..!!  ------ जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने देवस्थान विभाग के एक मैनेजर को 11 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए शुक्रवार को उसके ऑफिस में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मैनेजर ने यह रिश्वत एक समाजसेवी से किसी ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन करने की एवज में ली थी। एसीबी के एएसपी आशाराम चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भंवरसिंह राजपुरोहित है। वह पुरानी विधानसभा के सामने रामचंद्र जी के मंदिर में स्थित देवस्थान विभाग में मैनेजर है। इस संबंध में निवाई महंत का रास्ता रामगंज बाजार निवासी सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गालाल पांचाल ने एसीबी में भंवरसिंह राजपुरोहित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, कि वह करीब एक माह पहले नर नारायण सेवा समिति ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन के लिए भंवरसिंह से मिला था। काफी दिनों तक दुर्गालाल को चक्कर कटवाने के बाद भंवरसिंह ने उसे सेवा पानी की व्यवस्था करने को कहा