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अनन्त चतुर्दशी महोत्सव : जनचेतना का स्वरूप

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- अरविन्द सीसौदिया ,कोटा , राजस्थान । 9509559131 9414180151 भारतीय संस्कृति में निहित भक्ति एवं शक्ति का पर्व अनन्त चतुर्दशी महोत्सव, मूलतः दो प्रमुख पर्वों को जोडता  है।  यह गणेश जी के जन्मोत्सव ‘गणेश चतुर्थी‘‘ से  प्रारंभ हो कर ‘‘श्री अनन्त चतुर्दशी‘‘  तक के 10-11 दिन की अवधि में मनाया जाता है। इस दौरान गणेश चतुर्थी से घरों में गणेश जी की प्रतिमाओं तथा मोहल्लों में झांकियो की स्थापना होती है। नित्य प्रातः सायं पूजा अर्चना एवं आरती होती है, भक्ति संध्याएं आयोजित की जाती हैं तथा श्री अनन्त चतुर्दशी के दिन इन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। अनेकानेक स्थानों पर यह विसर्जन शोभा यात्रा के रूप में सम्पन्न होता है। इन्दौर,कोटा में भी इसी तरह श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव आयोजन होता है एवं शोभा यात्रा के रूप में सम्पन्न होता है। चमत्कारिक देव कुछ वर्ष पहले की बात है कि अचानक खबर आई कि अमेरिका में गणेश जी दूध पी रहे हैं और कुछ ही मिनटों में यह चमत्कारिक घटना पूरे विश्व में घटित हुई। भारत से लेकर अमेरिका तक प्रत्येक देश में जहां भी हिन्दू निवास करते थे और गणेश जी का मंदिर थ

कायरता के कारण आतंकवाद....

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- अरविन्द सीसौदिया,कोटा,राजस्थान । ...कायरता के कारण आतंकवाद.... मेरा बहुत स्पष्ट मत है कि देश में आतंकवाद भारत सरकार की कायरता के कारण है। आतंकवाद से इजराईल , चीन , अमेरिका और ब्रिटेन भी निबंट रहे हैं । वे आतंकवाद से सख्ती से ही नहीं बल्कि सर्वोच्च क्रूरता से निवंटते हैं । अमरीका और ब्रिटेन में एक एक आतंकी हमले के बाद दूसरा हमला नहीं हुआ । मगर हमारे देश में आये दिन का खेल बन गया आतंकवाद !! अब स्क्रेच जारी हुए है, इस पर शंका - उस पर शंका, कोई ई मेल , कोई बहाना, गुप्तचर संस्थायें सर्तक नहीं थी, कैमरा होता तो पकडना आसान होता , बेमलतब के कई तर्क तथ्य गडे जा रहे हैं । सच यह है कि कांग्रेस सरकार ने आतंकवाद और वोट में सम्बंध बना कर देखने की राष्ट्रघाती नीति को अपना लिया है। इसीलिये वह पकडे गये आतंकवादियों तक को सजा नहीं दे पा रही है। आतंकवाद की जड पर कभी भी वार नहीं किया गया । झूठे तमासों के द्वारा देश को बेवकूफ बनाना ही सरकार का मकसद रहता हे। इसलिये यह आतंकवाद,आतंकवादियों से कहं अधिक सरकारी कायरता के कारण हे। ------ http://www.bhaskar.com/article नई दिल्ली.  दिल्‍ली हाईकोर्ट के बाह