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काला कानून साम्प्रदायिक हिंसा का : इसाई हितों का खेल

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Prime Minister of India, Rajiv Gandhi and his wife Sonia Gandhi are seen with The Holy father Pope John Paul II (centre), during the former's visit to India, in New Delhi on February 1, 1986. - अरविन्द सिसोदिया  साप्प्रदायिक हिंसा रोकने के नाम पर , पूरे देश में एक बार फिर से हिन्दू को मुस्लमान के सामने खडा कर , उन्हे आपस में लडवानें की योजना का पर्दाफास हो चुका है। कांग्रेस की अध्यक्षा एवं यूपीए सरकार की सर्वेसर्वा सोनिया गांधी का यह चेहरा , यह काला कानून साफ बयां करता है कि वे  इस देश के साथ इसाई हितों का खेल खेल रहीं हैं। इनका मकसद साफ है कि हिन्दू मुरिूलम को लडा कर , अंगेजों की भांति  इसाई साम्राज्य  की स्थापना | जो कहीं न कहीं पोप की भारत को इसाई देश बनाने की घोषणा के क्रम में ही की जा रही कार्यवाही  है। यह कानून पास हो या न हो मगर हिन्दू और मुस्लमान के बीच खाई तो डाल ही दी गई ! यह मकसद सोनिया  गांधी का है और यही मकसद एसिया महाद्वीप को इसाई बनाने वाली ताकतों का है। जो लोग हिअसा के बल पर यूरोप,अमेरिका ] आस्ट्रेलिया और अफ्रीका को इसाई बना चुके हैं , उनका इस सहस्त्रावदी का लक्ष

लालकृष्ण आडवाणी ....

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- अरविन्द सिसोदिया, कोटा , राजस्थान | लालकृष्ण आडवाणी तीन बार भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद पर रह चुके हैं। आडवाणी चार बार  राज्यसभा  के और पांच बार  लोकसभा  के सदस्य रहे। वर्तमान में भी वो  गुजरात  के  गांधीनगर  संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के सांसद हैं।वर्ष 1977 से 1979 तक पहली बार केंद्रीय सरकार में कैबिनेट मंत्री की हैसियत से लालकृष्ण आडवाणी ने दायित्व संभाला। आडवाणी इस दौरान सूचना प्रसारण मंत्री रहे। आडवाणी ने अभी तक के राजनीतिक जीवन में सत्ता का जो सर्वोच्च पद संभाला है वह है एनडीए शासनकाल के दौरान उपप्रधानमंत्री का। लालकृष्ण आडवाणी वर्ष 1999 में एनडीए की सरकार बनने के बाद  अटल बिहारी वाजपेयी  के नेत़ृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री बने और फिर इसी सरकार में उन्हें 29 जून, 2002 को उपप्रधानमंत्री पद का दायित्व भी सौंपा गया।  भारतीय संसद में एक अच्छे सांसद के रूप में आडवाणी अपनी भूमिका के लिए कभी सराहे गए तो कभी पुरस्कृत भी किए गए। वर्ष 1951 में डॉक्टर  श्यामा प्रसाद मुखर्जी  ने  जनसंघ  की स्थापना की। १९५२ में उन्हें संघ ने जनसंघ में भेजा तब वे कोटा राजस्थान में संघ के प्रचारक थे.....पह