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गरिवों की, मंहगाई की बददुआयें .....

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- अरविन्द सीसौदिया, कोटा . करोडों देशवासियों के अपरोक्ष हत्यारे...... बुरा न मानें , इस देश की दो अर्थशास्त्रीयों , मोंटेक सिंह और मनमोहनसिंह ने बारा बजा कर रखदी है। गरीबी की परिभाषा का जो सच सामनें आया वह बताता है कि भारत सरकार और योजना आयोग में भारतवासीयों के प्रति कितनी हमदर्दी है या कितनी बेदर्दी है। इतनी शत्रुता तो शायद शत्रु भी नहीं करता। गरीब ही नहीं आम व्यक्ति के मुंह से निवाला छीनने में लगे इन दोनों सुख हन्ता व्यक्तियों के कृत्यों की समीक्षा किसी हत्यारे के रूप में ही इतिहास करेगा। करोडों लोगों को मंहगाई रूपी सुरसा के मंुह में डाल कर देशवासियों को धीमी मौत मारने के लिये , ये दोनों इतिहास में हिटलर और मुसोलिनी की तरह ही दोषी ठहराये जायेंगें। गरीब की उपेक्षा का कारण यह है कि विधायकों और सांसदों को इतनी तनखाह, भत्ते, सुविधायें और सम्मान दे दिया जाता है कि बे भूल जाते हैं कि देश में कोई गरीब भी रहता है और गरीबी नाम की चीज भी हैं । यदि यह तय कर दिया जाये कि प्रत्येक विधायक और सांसद को बी पी एल की आय जितनी तनखाह और सुविधायें ही दीं जायेंगी तो उनको यह सोचने पर निरंतर मजबूर तो होना

करोडों देशवासियों के अपरोक्ष हत्यारे......

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- अरविन्द सीसौदिया ,     कोटा, राजस्थान     बुरा न मानें , इस देश की दो अर्थशास्त्रीयों , मोंटेक सिंह और मनमोहनसिंह ने बारा बजा कर रखदी है। गरीबी की परिभाषा का जो सच सामनें आया वह बताता है कि भारत सरकार और योजना आयोग में भारतवासीयों के प्रति कितनी हमदर्दी है या कितनी बेदर्दी है। इतनी शत्रुता तो शायद शत्रु भी नहीं करता। गरीब ही नहीं आम व्यक्ति के मुंह से निवाला छीनने में लगे इन दोनों सुख हन्ता व्यक्तियों के कृत्यों की समीक्षा किसी हत्यारे के रूप में ही इतिहास करेगा। करोडों लोगों को मंहगाई रूपी सुरसा के मंुह में डाल कर देशवासियों को धीमी मौत मारने के लिये , ये दोनों इतिहास में हिटलर और मुसोलिनी की तरह ही दोषी ठहराये जायेंगें।       हलांकी सोमवार को योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह ने एक प्रेस वार्ता में एक मंत्री के साथ बताया कि सर्वे आने के बाद पुनः इस परिभाषा पर विचार होगा । पर यह देखने वाली बात है कि इस योजना आयोग का अध्यक्ष प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह है। यह आयोग सारे मंत्रालयों की सलाह पर देश के विकास की भावी पंच वर्षीय योजना बनाता है। जिस देश के प्रधानमंत्री को उन तमाम मंत्रालयो

राजस्थान के दागी मंत्री इतिफा दें - अरुण चतुर्वेदी

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राजस्थान के दागी मंत्री इतिफा दें - अरुण चतुर्वेदी   २ अक्तूबर ,कोटा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरू ण चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य सरकार के दागी मंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि वे ऎसा नहीं कर रहे हैं तो मुख्यमंत्री को उन्हें पद से हटा देना चाहिए। कोटा में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भंवरी देवी प्रकरण में न्यायालय ने संगीन आरोपों में जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इसकी सीबीआई जांच हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री मदेरणा से इस्तीफा लेने के बजाय उन्हें बचाने में लगे हुए हैं। राज्य सरकार ने सीडी की सत्यता की जांच नहीं की है। इसकी असलियत सबके सामने आनी चाहिए। एक माह से ज्यादा समय हो गया, लेकिन अब तक एएनएम का पता नहीं चला है। उन्होंने कहा कि जनता सत्यता जाननी चाहती है कि आखिर ऎसी क्या मजबूरी थी कि भीलवाड़ा में एक मंत्री बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले गए। बाद में देर रात प्रशासन पर दबाव डालकर शव का पोस्टमार्टम करवाया। उन्होंने कहका कि प्रदेश के गृहमंत्री और शिक्षामंत्री बदजुबानी के लिए चर्चा में हैं। गोपालगढ़ और अवैध खनन के मामले में दोष