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दिसंबर 31, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गुरु गोविंद सिंह : प्रकाश पर्व के अवसर पर

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गुरु  गोविंद सिंह के 345वें जन्मदिवस   प्रकाश पर्व  के अवसर पर    गुरु गोविंद सिंह ..... (जन्म- 22 दिसंबर सन 1666 ई. पटना, बिहार; मृत्यु- 7 अक्तूबर सन 1708 ई. नांदेड़, महाराष्ट्र) सिक्खों के दसवें व अंतिम गुरु माने जाते थे, और सिक्खों के सैनिक संगति, ख़ालसा के सृजन के लिए प्रसिद्ध थे। कुछ ज्ञानी कहते हैं कि जब-जब धर्म का ह्रास होता है, तब-तब सत्य एवं न्याय का विघटन भी होता है तथा आतंक के कारण अत्याचार, अन्याय, हिंसा और मानवता खतरे में होती है। उस समय दुष्टों का नाश एवं सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा करने के लिए ईश्वर स्वयं इस भूतल पर अवतरित होते हैं। गुरु गोविंद सिंह जी ने भी इस तथ्य का प्रतिपादन करते हुए कहा है, "जब-जब होत अरिस्ट अपारा।   तब-तब देह धरत अवतारा।" जन्म गुरु गोविंद सिंह के जन्म के समय देश पर मुग़लों का शासन था। हिन्दुओं को मुसलमान बनाने की औरंगज़ेब ज़बरदस्ती कोशिश करता था। इसी समय 22 दिसंबर, सन 1666 को गुरु तेगबहादुर की धर्मपत्नी गूजरी देवी ने एक सुंदर बालक को जन्म दिया, जो गुरु गोविंद सिंह के नाम से विख्यात हुआ। पूरे नगर में बालक के जन्म पर उत्सव मनाया ग

राजनीती का यह नग्न सत्य भंवरी

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- अरविन्द सिसोदिया   राजनीती का यह नग्न सत्य भंवरी के रूप में राजस्थान की राजनीती में १ सितम्बर 2011 से छैया हुआ हे ...सत्ता का मद और सौन्दर्य की संगत कहाँ ले जाकर खड़ा कर देती हे , यह  इसका नमूना है ! कांग्रेस के विधायक और रिटायर्ड कर्नल सोना राम ने दावा किया कि सीबीआई ने भंवरी के 139 सेक्स सीडी बरामद हुई हैं। इनमें कई नेता और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। भंवरी की बात तो उजागर हो गई , मगर हजारो भंवारियों की सिसकियाँ किसी ने नहीं सुनी ||        लगता है सी बी आई भी कोंगेस के  डेमेज कंट्रोल करने में लगी हे और बांकी और लोगों को बचा कर भंबरी के भंवर को धीरे धीरे समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है | अन्यथा १३९ कथित सीडीयों में क्या हे यह बहार क्यों नहीं आरहा ?? --------- केंद्रीय मंत्री के भी थे भंवरी से संबंध? 25 Dec 2011,एजेंसियां  जयपुर।। भंवरी देवी मामले की लपटें अब दिल्ली तक भी पहुंचने लगी हैं। एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक एक केंद्रीय मंत्री के भी लापता नर्स भंवरी देवी से संबंध थे। जोधपुर में आयोजित ' किसान संभावना रैली ' में कांग्रेस के व

सुनो राहुलजी - राज्य महिमा, केन्द्र के गुलछरे राज्यों की जनता के पैसे से..

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सुनो राहुलजी - राज्य महिमा.......... राज्यों की जनता के पैसे से केन्द्र की सरकार चलती है.... केन्द्र सरकार चाहे कांग्रेस नेतृत्व की हो या किसी ओर दल की, उसके खजानें में पैसा विदेशों से नहीं आता, जो उनके नेता यह कहते हें कि हम पैसा भेजते हैं और राज्य खा जाते है। सच यह है कि, यह सारा पैसा राज्यों की जनता भेजती है केन्द्र सरकार के खजानें में, एक्साइज डियूटी, कस्टम, आयकर, सेवाकर और कई अनेक प्रकार के करों और राज्यों की सम्पतियों के कारण से पैसा आता है। तब केन्द्र सरकार खर्च करती है। संघ शासित क्षैत्र हे कितना सा ..., उनमें कितनी जनसँख्या और कितने लोग हें .., उनसे कितना सा  टैक्स आपात हे | जो भी होता हे वह राज्यों की जनता के  धन से होता हे |  राज्यों की जनता के पैसे से ही केन्द्र सरकार चलती है और उसी में से वह खुद व राज्यों पर खर्च करती है। फिर बार - बार यह कहना कि हम पैसा भेजते हैं राज्य सरकार खा जाती है। क्या औचित्य है इसका ????? राज्यों की सरकार और जन प्रतिनिधियों पर यह कैसी दादागिरी भई ? केन्द्र गुलछरे ही राज्यों की जनता के पैसे से उडा रहा है। एक दिन भी राज्यों का पैसा नहीं पहुचे

कांगेसी लोकपाल बिल तो भ्रष्टाचारियों का सुरक्षा कवच

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- अरविन्द सिसोदिया    अच्छा ही हुआ कि कांग्रेस का नकली लोकपाल बिल पास नहीं हुआ , अन्यथा लोकपाल को शिकायत करने वाले कि खैर नहीं थी ....! इसमें भरी तबदीली कि जरुरत हे .., शिकायत इस प्रकार से करने कि सुविधा हो कि उसकी जांच हो सके और साबित करने , साक्ष्य जुटाने का भार भी सरकारी जांच एजेंसी पर हो जो कि निष्पक्ष हो और लोकपाल के ही अंतर्गत हो ..!! शिकायत करता को जांच और साक्ष्य जुटाने की जवाव देहि से मुक्त रखना चाहिए , वह सूचना दे रहा हे यह भी काफी हे ...शिकायत को गुप्त  रखनें की बात रखी जा सकती हे ...! ” कांग्रेस और उसके नेता यथा सोनियाजी, राहुलजी,पवन बंसलजी, अभिषेक सिंघवी जी और कई सारे,,,,,कांगेसी लोकपाल बिल के लोकसभा मे संवैधानिक दर्जा नहीं मिलने और राज्यसभा में पास नहीं होने का ठीकरा विपक्ष और भाजपा के सिर फोड रहे है। यह गलत है, कांग्रेस के पास दोनों ही सदनों में बहूमत नहीं है। उसक खुद के सदस्यों की संख्या तो काफी कम है। इस स्थिती में सबसे सलाह मशविरा करके ही बिल आता तो पास होता । कांगेस ने एक तानाशाह की तरह हुक्म फरमाया कि हम चुनावी फायदे का बिल पेश कर रहे हैं इस पर सब मोहर लगाओं

सेक्स 'सर्च' : भारत भी पीछे नहीं : नैतिक पतन

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- अरविन्द सिसोदिया  इन्टरनेट........ तमाम तरीकों से समाज को लाभदायक होते हुये भी, नैतिक पतन का दूसरा सबसे बडा कारण बन गया। चैनलों की बेशर्मी के बाद, इन्टरनेट पर तो कोई नियंत्रण ही नहीं, 3 जी और स्मार्ट मोबाईल ने, लगभग घर - घर को सैक्स का ग्राहक बना दिया! सरकार अभी तक कोई प्रभावी तरीका, नियंत्रण या व्यवस्था के लिये नहीं बना पाई!! -------------- भारत भी पीछे नहीं, सेक्स 'सर्च' करने में पाक आगे ! Source: dainikbhaskar.com   | 30/12/२०११ http://www.bhaskar.com नई दिल्ली. साल 2011 में गूगल पर 'सेक्स' शब्द खोजने में रूचि रखने के मामले में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर रहा। गूगल सर्च ट्रेंड के मुताबिक साल 2011 में इंटरनेट पर सेक्स को सर्च करने में सबसे ज्यादा रूचि श्रीलंका के लोगों ने दिखाई और उसके बाद पाकिस्तान के लोगों ने। सेक्स को सर्च करने में एशियाई देशों में कितनी रूचि रहती है इसका अंदाजा इस बात से लग सकता है कि इंटरनेट पर सेक्स को खोजने में पाकिस्तान के बाद भारत का नंबर है। मजे की बात यह है गूगल पर सेक्स को सबसे ज्यादा सर्च करने वाले दस शहरों में से आठ भारत