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जनवरी 2, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अंग्रेजी नया साल,'डर्टी डांस',३० - ३० युवक एक लड़की के पीछे ..ब्लेक 2012

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- अरविन्द सिसोदिया  ब्लेक 2012 ,  एक तरफ चैत्र माह में जब भारतीय नव वर्ष आता है .. मंदिरों में घंटे घड़ियाल बजते हैं .., आरतियाँ होतीं हैं , उगते सूर्य की आराधना होती है ,  ईश्वर के नाम का गुणगान होता है , मगर यह कैसा सन का आगमन कि ३० - ३० युवक ..वह भी भारतीय ...एक लड़की के पीछे पड़ जाते हैं पागलों की तरह...???? उन युवाओं के नैतिक  पतन कि यह वारदात सामान्य नहीं है......केंद्र सरकार को यह जबाव देना होगा कि वह समाज को कहाँ ले जा रही है..???  यह चारित्रिक पतन क्यों कर हुआ..??? स्वतंत्रता और स्वछंदता में कोई तो फर्क होगा ही..भारतीय संविधान कि विधान कि धज्जियां क्यों कर उडीं ...जबाव सरकार को ही देना है...वह देश को कहाँ ले जाकर छोड़ेगी ...??? हमारी शिक्षा प्रणाली और व्यवस्था में कोई गंभीर दोष  तो है ही न तब तो यह हुआ... अंग्रेजी नया साल याने अय्याशी  , नशाखोरी , आपराधिकता ..भला क्यों ..??? क्यों कि आप इस भटको को रोकना  नहीं चाहते..इसलिए !! एक तरफ भारतीय संस्कृति नर से नारायण बनती है तो पाश्चत्य संस्कृति पवित्रता को पशुता में बदल देती है ..यह उदाहरण एक नही अनेकों हैं ... ------- नए स

भारतीय सिक्के कहाँ गए...महंगे ब्लेड बनाने में ?

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- अरविन्द सिसोदिया  जनता परेशान है की भारतीय सिक्के कहाँ गए... सिक्के कौन ले गया जी ...क्या इन्हें गायब करवानें में बैंकों की भी भूमिका हे ...कोई कहता है की महंगे ब्लेड बनाने में उनका उपयोग होता है , कोई कहता हे की इनकी मंहगी बिल्डिंग निर्माण के कम आने वाली शीटें बनाई जाती है , जो बहुत मंहगी बिकती हें ..., कुल मिला कर जरुरी है की सिक्के बच्चाये  जाएँ , जनता को उपलब्ध करवाएं ... कानून के तहत भारतीय सिक्का अधिनियम-1906, छोटे सिक्के (अपराध)अधिनियम-1971, धातु टोकन अधिनियम-1889 और कांस्य सिक्का (कानून निविदा) अधिनियम-1918 शामिल हैं। वित्त मंत्रालय की स्थायी संसदीय समिति ने सिक्का नष्ट करने वालों को 10 साल की कैद की सजा देने की मांग रखी थी लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सात साल के कैद को मंजूरी दी। -----------------------------  सिक्के बरामद  1 छह क्विंटल भारतीय सिक्के बरामद | rashtriyaujala rashtriyaujala.com/छह-क्विंटल-भारतीय-सिक्के.html12 मई 2011 – कोतवाली सूरजपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान कुलेसरा के पास एक बोलेरो में छह क्विंटल भारतीय सिक्के बरामद किए हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को भी

पैड न्यूज

- अरविंद सिसोदिया  सारा मीडिया तो नहीं मगर लीडिंग करने वाला मीडिया तो पैड न्यूज में बुरी तरह फंस चुका है। मीडिया की पेड न्यूज ( पैसा लेकर पक्ष में समाचार छापना ) पर प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह जी के द्वारा कोई ठोस नियंत्रण नहीं करने की घोषणा से निराशा ही हाथ लगी है। अभी पांच राज्यों के चुनाव में चुनाव लडने वालों से जम कर मीडियाई वसूली होगी। बेशर्मी से यह कह कर होगी कि हमें भी तो पैसा चाहिये। क्यों कि मीडिया अब उद्योगपतियों और व्यवसाईयों की मिल्कियत में है। एक निर्धन या कम पैसे वाले का अच्छे से अच्छा समाचार चार आठ लाईन में आयेगा और जो पैसा देगा उसका समाचार चार कालम में आयेगा। प्रधानमंत्री को इस दुष्प्रवुति पर रोक के ठोस उपाय करने चाहिये , पैड न्यूज भी एक प्रकार का मीडियाई भ्रष्टाचार है। -------------- http://www.p7news.com 'मीडिया पर नियंत्रण की ज़रूरत नहीं' प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मीडिया की आज़ादी की ज़ोरदार वकालत की है, लेकिन साथ ही उन्होंने मीडिया को सनसनी फैलने से बचने की सलाह भी दी। दिल्ली में एक समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज़ाद मीडिया लोकतंत्र की पहली निशान