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जनवरी 5, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भंवरी देवी : सचमुच मौत की नींद सुला दिया

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सत्ता की हवस और साफ सुथरा दिखनें,  जनता के सामने नीति परायण श्रीराम बनाने वाले अनैतिक नेताओं का सच सामने आगया है.. ---------------------------- अब नहीं लौटेगी भंवरी देवी     http://aajtak.intoday.in/story   नई दिल्‍ली, 5 जनवरी 2012 चार महीने पहले मार दी गई भंवरी देवी अब सचमुच मर गई. राजस्थान की पूरी राजनीति में खलबली मचा देने वाली नर्स भंवरी देवी अब कभी लौट कर नहीं आएगी. क्योंकि उसक कत्ल हो चुका है और उसकी लाश को जंगल में जला दिया गया है.सीबीआई के मुताबिक भंवरी का कत्ल किसी और ने नहीं बल्कि राज्सथान के पूर्व ताकतवर और कद्दावर मंत्री महिपाल मदेरणा और मलखान सिंह के इशारे पर किया गया. गुमशुदगी के ठीक 126 दिन यानी करीब चार महीने बाद इस शक पर पुख्ता मुहर लग गई कि नर्स भंवरी देवी सचमुच मर चुकी है. भंवरी देवी का खून कर उसकी लाश को सैकड़ों मील फैले जंगल मे ठिकाने लगा दिया गया. राजस्थान पुलिस से जांच लेने के बाद और एक लंबी तफ्तीश पूरी कर सीबीआई उस जलौड़ा के जंगलों में जा घुसी जहां भंवरी की लाश को जला दिया गया. इस मामले के अहम आरोपी कैलाश जाखड़ को सीबीआई ने मंगलवार देर रात गिरफ्तार किय

मायावती: साधारण स्कूल शिक्षिका से करोडों आयकर देने वाली राजनेता...

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http://hi.wikipedia.org विकिपीडिया के अनुसार.. मायावती: साधारण स्कूल शिक्षिका से करोडों आयकर देने वाली   - मायावती पहली दलित महिला हैं जो भारत के किसी राज्य की मुख्यमन्त्री बनीं हैं।  - वर्ष २००७-०८ के लिये २६ करोड़ के साथ मायावती सबसे ज्यादा आयकर देने वाली भारतीय राजनेता रही हैं | - मायावती का जन्म १५ जनवरी १९५६ को नयी दिल्ली में एक सरकारी कर्मचारी प्रभु दयाल की पत्नी रामरती की कोख से हुआ। बाद में उनके पिता प्रभु दयाल जी भारतीय डाक-तार विभाग के वरिष्ठ लिपिक के पद से सेवा निवृत्त हुए।   - मायावती के ६ भाई एवम् २ बहनें हैं। इनका पैतृक गाँव बादलपुर है जो उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में स्थित है। बी०ए०,बी०एड०, LLB भी किया हुआ है। राजनीति में आने से पूर्व वे दिल्ली के एक स्कूल में एक शिक्षिका के रूप में कार्य करती थीं। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षाओं के लिये अध्ययन भी किया था किन्तु सन् १९७७ में कांशीराम के सम्पर्क में आने के बाद उन्होंने एक पूर्ण कालिक राजनीतिज्ञ बनने का निर्णय ले लिया। कांशीराम के संरक्षण के अन्तर्गत वे उस समय उनकी कोर टीम का हिस्सा रहीं, जब

क्या मुख्यमंत्री मायावती, अपने मंत्रियों के भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेवार नहीं है

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- अरविन्द सिसोदिया क्या मुख्यमंत्री मायावती, अपने मंत्रियों के भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेवार नहीं है !! क्या यह संभव है कि बाबूसिंह कुशवाह, मुख्यमंत्री मायावती की सहमति के बिना, हजारों करोड का घोटाला कर सकते है? प्रतिदिन मुख्यमंत्री गुप्त रिपोर्ट अपने तंत्र से लेंती हैं ! तो क्या किसी को कुछ पता नहीं था..............!!! ------------------ यूपी:बाबू सिंह कुशवाहा के घर समेत 50 जगहों पर CBI छापे Jan 04, 2012 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और एक जमाने में मायावती के बेहद करीबी रहे बाबू सिंह कुशवाहा के घर समेत 50 ठिकानों पर सीबीआई ने तड़के छापेमारी की है। एनआरएचएम घोटाला में आरोपी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा सोमवार को ही बीजेपी में शामिल हुए थे। सीबीआई की छापेमारी लखनऊ में बाबू सिंह कुशवाहा के घर के अलावा गाजियाबाद, आगरा, मेरठ, अमेठी, मुरादाबाद और पश्चिम उत्तर प्रदेश में कई और जगहों पर चल रही है। बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी एमएलसी और एमएलए के घरों पर भी छापेमारी की है। कुशवाहा के करीबी कारोबारी सौरभ जैन के ठिकानों पर भी सीबीआई की छापेमारी जारी है। जैन के मुरादाहाद के ठ

भजन : तुम ही एक नाथ हमारे हो ..................

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- अरविन्द सिसोदिया  तुम ही एक नाथ हमारे हो .................. पितु मातु सहायक स्वामी सखा तुमही एक नाथ हमारे हो .  जिनके कछु और आधार नहीं तिन्ह के तुमही रखवारे हो ..  ---------1 सब भांति सदा सुखदायक हो दुःख दुर्गुण नाशनहारे हो .  प्रतिपाल करो सिगरे जग को अतिशय करुणा उर धारे हो ..  ---------2 भुलिहै हम ही तुमको तुम तो हमरी सुधि नाहिं बिसारे हो ..  उपकारन को कछु अंत नही छिन ही छिन जो विस्तारे हो .  ---------3 महाराज! महा महिमा तुम्हरी समुझे बिरले बुधवारे हो .  शुभ शांति निकेतन प्रेम निधे मनमंदिर के उजियारे हो ..  ---------4 यह जीवन के तुम्ह जीवन हो इन प्राणन के तुम प्यारे हो .  तुम सों प्रभु पाइ प्रताप हरि केहि के अब और सहारे हो ..  --------- भजन 

यूपी में 73 हजार शिक्षकों की नियुक्ति को चुनौती : चुनावों को प्रभावित करने की मंशा तो नही ?

- अरविन्द सिसोदिया  ठीक चुनाव के मध्य ७३ हजार सहायक शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक का मामला संवेदन शील हे , सरकार को भी और न्यायला को भी इसे संवेदनशीलता से ही लेने होगा..क्यों की इसमें कोई चुनावों को प्रभावित करने की मंशा तो नही है . इसका भी पता लगाना चाहिए..!!! यदि चुनावों को प्रभावित करने के लिए यह किया गया है तो गंभीर गड़बड़ है..   ---------------------- यूपी में 73 हजार शिक्षकों की नियुक्ति को चुनौती  January 4, 2012, http://zeenews.india.com/hindi लखनऊ : इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनउ पीठ ने उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 72 हजार 800 से अधिक सहायक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर अगली सुनवाई नौ जनवरी को तय की है।  अदालत ने सरकार के वकील से इस मामले में जानकारी (निर्देश) प्राप्त करके मामले की अगली सुनवाई के दिन नौ जनवरी को पेश करने को कहा है। न्यायमूर्ति प्रदीप कांत और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने यह आदेश आज एक स्थानीय वकील की याचिका पर दिया।  याचिका में इन शिक्षकों की भर्ती सम्बन्धी नियमों तथा अधिसूचना समेत शासनादेशो