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शांति भूषण ने चुराई स्‍टांप ड्यूटी , बंगले का मूल्य 20 करोड़ , 1.33 करोड़ स्टाम्प ड्यूटी, चुकाई थी 46 हजार ..

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http://www.bhaskar.com कोर्ट ने माना- शांति भूषण ने चुराई स्‍टांप ड्यूटी  Source: dainikbhaskar.com   |Date-06/01/2012 इलाहाबाद.वरिष्ठ वकील और टीम अन्ना के सदस्य शांति भूषण पर बंगला खरीद में स्टाम्प ड्यूटी की चोरी के मामले में आज अदालत ने 27 लाख 22 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। हाईकोर्ट ने नवंबर 2010 से जुर्माने पर ब्याज भी अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही शांति भूषण को एक करोड़ 33 लाख रुपए की स्टाम्प ड्यूटी भी अदा करनी होगी।  शांति भूषण ने कहा कि यह पूरी तरह राजनीति से प्रेरित गैरकानूनी फैसला है। हमने बिलकुल सही स्टाम्प ड्यूटी दी थी। कानून यह है कि मार्केट वेल्यू और कांट्रेक्ट के हिसाब से ही स्टाम्प ड्यूटी दी जाती है।  शांति भूषण ने कहा कि वो कोर्ट के आदेश पर जुर्माना नहीं चुकाएंगे बल्कि आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। कानून यह कहता है कि यदि कांट्रैक्ट हुआ हो तो स्टाम्प ड्यूटी मार्केट वेल्यू के आधार पर ही चुकाई जाती है।  गौरतलब है कि पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण पर लगभग सवा करोड़ रुपये की स्टाम्प चोरी का आरोप है। इलाहाबाद के असिस्टेंट स्टाम्प कमिश्नर की कोर्ट ने शुक्

आईये… भारत के कई दारुल-इस्लामों में से एक, “मेलविशारम” की सैर पर चलें…

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जहाँ भी हिन्दू घटता है बहां इसी प्रकार की दुर्घटनाओं की संभाबना बढ़  जाती है |                                                       Sunday 25 December 2011 Darul Islam, Melvisharam, Tamilnadu, Dr Subramanian Swamy आईये… भारत के कई दारुल-इस्लामों में से एक,  “ मेलविशारम ”  की सैर पर चलें… भारत का एक दक्षिणी राज्य है तमिलनाडु, यहाँ के वेल्लूर जिले की आर्कोट विधानसभा क्षेत्र में एक कस्बा है, नाम है “विशारम”। विशारम कस्बा दो पंचायतों में बँटा हुआ है, “मेलविशारम” (अर्थात ऊपरी विशारम) तथा “कीलविशारम” (निचला विशारम)। मेलविशारम पंचायत की 90% आबादी मुस्लिम है, जबकि कीलविशारम की पूरी आबादी दलितों (आदि द्रविड) तथा पिछड़ों (वन्नियार जाति) की है। इन दोनों पंचायतों का गठन 1951 में ही हो चुका था,  मुस्लिम आबादी वाले मेलविशारम में 17 वार्ड हैं, जबकि दलितों वाले कीलविशारम में 4 वार्ड हैं।  1996 में “दलितों और द्रविडों के नाम पर रोटी खाने वाली” DMK ने मुस्लिम वोट बैंक के दबाव में दोनों कस्बों के कुल 21 वार्डों को आपस में मिलाकर एक पंचायत का गठन कर दिया (स्वाभाविक रूप से इससे इस वृहद पंचाय