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अफजल गुरु को 2967 दिन से ज्यादा फांसी की सजा सुनाये हो गए,वोट.., जंग... और प्यार.... में सब जायज है..

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- अरविन्द सिसोदिया  यू पी में कांगेस ने राजनैतिक फायदे के लिए धर्म आधारित आरक्षण का प्रावधान किया अब उसे बढानें की बात भी कर रही हे...उसे अगले कदम के रूप में आतंकवादी अफजल गुरु और कसाब  की सजा माफ़ करने की भी घोषणा कर देनी चाहिए...जरुरत हो तो संविधान के संशोधन की तो वह भी कर लेनी चाहिए..., वोट , जंग और प्यार में सब जायज है...   फांसी का राजनैतिक फायदा ...!!!???    अफजल गुरु को 2967 दिन फांसी की सजा सुनाये हो गए ... अब तक मजे उड़ा रहा है Nathuram Godse---------125 Days Dhananjay Kumar---------34 Days Ranga and Billa------------28 Days Jinda and Sukha-----------78 Days Beant Singh---------------87 Days Kehar Singh---------------87 Days Mohammad Afzal--------------------------2967 Days Kasab -------------------------------------------- Countinew ---Brijesh Sharma

स्वामी विवेकान्द जी की १५० वीं जयन्ती

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- अरविन्द सिसोदिया  १२ जनबरी २०१२ को, स्वामी विवेकान्द जी की १५० वीं जयन्ती,  स्वामी जी के बारे में .................. ------------- स्वामी विवेकानंद स्वामी विवेकानन्द (१२ जनवरी,१८६३- ४ जुलाई,१९०२) वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् १८९३ में आयोजित विश्व धर्म महासम्मेलन में सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का वेदान्त अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे। जीवनवृत्त विवेकानन्दजी का जन्म १२ जनवरी सन्‌ १८६३ को हुआ। उनका घर का नाम नरेन्द्र था। उनके पिताश्री विश्वनाथ दत्त  थे। नरेन्द्र की बुद्धि बचपन से बड़ी तीव्र थी और परमात्मा को पाने की लालसा भी प्रबल थी। इस हेतु वे पहले 'ब्रह्म समाज' में गये किन्तु वहाँ उनके चित्त को सन्तोष नहीं हुआ। वे वेदान्त और योग के लिए महत्वपुर्ण योगदान दिया है। श्री विश्वनाथ दत्त की मृत्यु हो