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जय हो भ्रस्टाचार की : नियम तोड़कर ओएसडी को दिए आठ प्लॉट

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  जय हो भ्रस्टाचार की : भास्कर न्यूज.कोटा http://digitalimages.bhaskar.com पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया के तत्कालीन ओएसडी को रीको ने जमकर ऑब्लाइज किया। सरकारी सेवा में रहते हुए न केवल ओएसडी ने खुद के नाम रियायती दर पर आठ भूखंड आवंटित करवाए बल्कि पार्टनर्स के नाम भी जमीन आवंटित करवा ली। ये सभी भूखंड आवंटित तो अलग-अलग समय में हुए लेकिन रीको ने इतनी मेहरबानी दिखाई कि सारे भूखंड एक ही लाइन में आवंटित किए। इस प्रक्रिया से तत्कालीन ओएसडी राजेंद्र सिंह ने एक ही जगह खुद के नाम करीब 16 हजार वर्गमीटर जमीन इकट्ठी कर ली। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में यह खुलासा हुआ है। पीडब्ल्यूडी में एईएन राजेंद्र सिंह को पूर्व मंत्री ने ओएसडी बनाया था। सिंह ने अपने रसूखात का उपयोग करते हुए कोटा में नंाता के समीप पर्यावरण औद्योगिक क्षेत्र में रीको से आठ भूखंड खुद के नाम आवंटित करवाए। नियम है कि सरकारी सेवा में रहते हुए कोई खुद के नाम से व्यावसायिक गतिविधियां शुरू नहीं कर सकता जबकि सिंह ने वर्ष 2006 से 2010 के बीच कुल आठ भूखंड रियायती दर पर खरीदे। इसमें से ४ भूखंड उन्होंने मौजूदा सरकार के कार्यकाल

गांधी और गोडसे

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- अरविन्द सिसोदिया  महात्मा गांधी की हत्या को कभी भी सही नही ठहराया जा सकता , मगर गोडसे को भी कभी गद्दार नहीं कहा जा सकता , क्यों की वह भी सच्चा राष्ट्भाक्त था ...देश के विभाजन से पूरा हिन्दू समाज और राष्ट्रभक्त समुदाय स्तब्ध था दुखी था . जिन्ना की विजय और बयान जले पर नमक झिडकते थे , गांधी जी ने अनशन  कर पाकिस्तान को करोड़ों रूपये दिलवाए , वे शीघ्र ही पाकिस्तान यात्रा पर जाने वाले थे, उनकी सहायक पाकिस्तान में कार्यक्रम यात्रा मार्ग आदी पूरा कर चुकीं थी , देश को दर था की वे पाकिस्तान यात्रा के दौरान कही कश्मीर ही पाकिस्तान को न दे आयें ..!!!! नाथूराम गोडसे एक पत्रकार थे , अख़बार के संपादक थे , कोइ गैर जिम्मेवार व्यक्ती नहीं थे ... उन परिथितियों में  जो भी हुआ राष्ट्रहित के लिए ही किया गया इसमें संदेह नहीं है ... महात्मा गांधी की पुण्यतिथी पर यह बातें सामने आनी चाहियें थीं ....नाथूराम गोडसे के उन बयानों और बहसों को भी सामने आना चाहिए जिन्हें बैन किया हुआ है ...और यूँ तो आज देश गांधी जी कई जिदों के कारण कई कष्टों को भोग रहा है मगर उनके महान योगदान को भी नमन किया ही जाना चाहिए....... क्

Shree Ram Setu : 9,00,000 years old

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Jai Shree Ram Setu (48 kms long, 3 kms wide & 22 feets deep) ======================================== The exact date of Lord Ram's birth according to Valmiki Ramayan & Mordern Science. Lord Rama incarnated in Tretayuga which lasted for 4,32,000 x 3 years. Later came Dwapyuga which was 4,32,000 x 2 years Kaliyuga is 4,32,000 years & we already passed 5100 after lord Krishna Disappeared. Total of Dwapar is 8,64,000 + kaliyuga 5100 + 25,000 treta years when lord Rama took SwadhamGaman" means going to own Dham i.e. eternal place Vaikuntha.So approximately Lord Rama left 8,94,100 years back according to Valmiki Ramayan & about the Ram Setu project which was stopped in the year 2008 after the court got evidence about this setu which is Authentic. NASA first claimed it is 17,00,500 years old only because they had their greedy eyes on many usefull things found on the bridge (antibiotic, alge for space travellers, Munga stones etc) so claimed the wrong dates &am