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भाजपा : पंडित दीनदयाल उपाध्याय : भारतीय जनसंघ के संगठनकर्ता

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पं. दीनदयाल उपाध्याय पंडित दीनदयाल उपाध्याय  1953 से 1968 तक भारतीय जनसंघ के नेता रहे। वे एक प्रखर विचारक, उत्कृष्ट संगठनकर्ता तथा एक ऐसे नेता थे जिन्होंने जीवनपर्यंन्त अपनी व्यक्तिगत ईमानदारी व सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को अक्षुण्ण रखा। वे भारतीय जनता पार्टी के जन्म से ही पार्टी के लिए वैचारिक मार्गदर्शन और नैतिक प्रेरणा के स्रोत रहे हैं। उनकी पुस्तक ''एकात्म मानववाद'' (इंटीगरल ह्यूमेनिज्म) जिसमें साम्यवाद और पूंजीवाद, दोनों की समालोचना की गई है, में मानव जाति की मूलभूत आवश्यकताओं और सृजन कानूनों के अनुरुप राजनीतिक कार्रवाई हेतु एक वैकल्पिक सन्दर्भ दिया गया है। संक्षिप्त जीवनी पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म सोमवार, दिनांक 25 सितम्बर 1916 को बृज के पवित्र क्षेत्र मथुरा जिले के नंगला चन्द्रभान गांव में हुआ था। उनके पिताजी एक प्रसिध्द ज्योतिषी थे। वे एक ऐसे ज्योतिषी थे जिन्होंने उनकी जन्म कुंडली देखकर यह भविष्यवाणी कर दी थी कि यह लड़का एक महान शिक्षा-शास्त्री एवं विचारक, निस्वार्थ कार्यकर्ता और एक अग्रणी राजनेता बनेगा लेकिन वह अविवाहित रहेगा। जब भरतपुर में एक त

भाजपा : डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी : जनसंघ के संस्थापक

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डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी  महान शिक्षाविद, चिन्तक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। भारतवर्ष की जनता उन्हें स्मरण करती है - एक प्रखर राष्ट्रवादी के रूप में। उनकी मिसाल दी जाती है - एक कट्टर राष्ट्र भक्त के रूप में। भारतीय इतिहास  उन्हें सम्मान से स्वीकार करता है - एक जुझारू, कर्मठ, विचारक और चिंतक के रूप में। भारतवर्ष के लाखों लोगों के मन में उनकी गहरी छबि अंकित है- एक निरभिमानी, देशभक्त की। वे आज भी आदर्श हैं - बुद्धजीवियों और मनीषियों के। वे आज भी समाए हुए हैं - लाखों भारतवासियों के मन में एक पथप्रदर्शक एवं प्रेरणापुंज के रूप में। जीवन वृत्त 6 जुलाई, 1901 को कलकत्ता के अत्यन्त प्रतिष्ठित परिवार में डॉ॰ श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी का जन्म हुआ। उनके पिता श्री आशुतोष मुखर्जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे एवं शिक्षाविद् के रूप में विख्यात थे। यह कहा जाता है कि  होनहार बिरवान के होत चिकने पात पात । इस कहावत को डॉ श्यामाप्रसाद मुकर्जी ने चरितार्थ कर दिया। बाल्यकाल से ही उनकी अप्रतिम प्रतिभा की छाप दिखने लग गई थी। कुशाग्र बुद्धि और जन्मजात प्रतिभासम्पन्न डॉ मुकर्जी