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आरती : कुँज बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की

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आरती कुँज बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की .. गले में वैजन्ती माला, माला बजावे मुरली मधुर बाला, बाला श्रवण में कुण्डल झलकाला, झलकाला नन्द के नन्द, श्री आनन्द कन्द, मोहन बॄज चन्द राधिका रमण बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की .. गगन सम अंग कान्ति काली, काली राधिका चमक रही आली, आली लसन में ठाड़े वनमाली, वनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चन्द्र सी झलक ललित छवि श्यामा प्यारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की .. जहाँ से प्रगट भयी गंगा, गंगा कलुष कलि हारिणि श्री गंगा, गंगा स्मरण से होत मोह भंगा, भंगा बसी शिव शीश, जटा के बीच, हरे अघ कीच चरण छवि श्री बनवारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की .. कनकमय मोर मुकुट बिलसै, बिलसै देवता दरसन को तरसै, तरसै गगन सों सुमन राशि बरसै, बरसै अजेमुरचन मधुर मृदंग मालिनि संग अतुल रति गोप कुमारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की .. चमकती उज्ज्वल तट रेणु, रेणु बज रही बृन्दावन वेणु, वेणु चहुँ दिसि गोपि काल धेनु, धेनु कसक मृद मंग, चाँदनि चन्द, खटक भव भन्ज टेर सुन दीन भिखारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ..

देवर्षि नारद जयन्ती : सत्य के पक्ष में प्रखरता से खडा होना ही पत्रकारिता की कसौटी

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देवर्षि नारद जयन्ती सत्य के पक्ष में प्रखरता से खडा होना ही पत्रकारिता की कसौटी फेसबुक,टिविट्र और सोसल साईडों ने अभिव्यक्ति के नया मंच उपलब्ध करवाया है। कोटा 7 मई। सम्पूर्ण विश्व के प्रथम पत्रकार देवर्षि नारद की जयन्ती को,राष्ट्रचेतना अभियान समिति कोटा महानगर की ओर से ” विश्व पत्रकारिता दिवस “ के रूप में मनाया गया। मानव विकास भवन, कोटा में सोमवार सायं 6 बजे आयोजित विचार गोष्ठी में देवर्षि नारद को पत्रकारिता तथा सूचना प्रौद्योगिकी का जनक बताते हुये नारदजी के चरित्र पर प्रकाश डाला और उन्हे विश्व का प्रथम पत्रकार बताते हुये, उनके जीवन और परमार्थ से जुडे दृष्टांत सुनाये। गोष्ठी में कहा गया कि देवर्षि नारदजी का चरित्र सत्य जानने,सत्य को बताने और सत्य से परे न जाने की प्रतिबद्धता के साथ - साथ, धर्म और समाज के हितैषी के रूप में प्रगट होता है। जो कि वर्तमान संदर्भों में भी अनुकरणीय है। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा देशहित सर्वोपरी के रूप में भारतीय पत्रकारिता ने मिशाल कायम की है। और वह लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ के रूप में समाजसेवा में अपना विशिष्ट स्थान कायम करने में सफल रही हे। स्वच

आदि पत्रकार देवर्षि नारद सृष्टि के आदि संचारक हैं- बलदेवभाई शर्मा

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आदि पत्रकार देवर्षि नारद सृष्टि के आदि संचारक हैं- बलदेवभाई शर्मा वाराणसी, 6 मई। आदि पत्रकार देवर्षि नारद भू-लोक, देवलोक एवं पाताल लोक में सृष्टि के आदि संचारक है। इन तीनों लोकों की समस्याओं को विष्णु एवं भगवान शिव तक पहुंचाने वाले देवर्षि नारद समाजसेवा के लिए प्रतिबद्ध थे। चराचर जगत की समस्या का संचार ही नहीं करते थे अपितु उसके समाधान के लिए प्रयास भी करते थे। वे आधुनिक पत्रकारिता के लिए प्रेरक एवं सत्यान्वेषी थे।  वे पौराणिकता के लिए प्रेरणा थे। वे पौराणिक पात्र नहीं जीवन्त हैं। पत्रकार समाज को चेताने का काम करता है। पत्रकार हमारे जीवन के श्रेष्ठ आदर्शो पर चिन्तन, आचरण करते हैं। पत्रकार को देवर्षि नारद से प्रेरणा लेकर जीवन को संचालित करना चाहिए। उक्त उद्गार निवेदिता शिक्षा सदन के भाऊराव देवरस सभागार में विश्व संवाद केन्द्र, काशी द्वारा आदि पत्रकार देवर्षि नारद जयन्ती (ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया) की पूर्व संध्या पर आयोजित पत्रकार-सम्मान समारोह एवं संगोष्ठी के मुख्य अतिथि पाचंजन्य के सम्पादक श्री बलदेवभाई शर्मा ने व्यक्त किये। उन्होंने ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा और पत्रकारिता के दायित्

हज पर सब्सिडी देना बंद करे सरकार:सर्वोच्च न्यायालय

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हज पर सब्सिडी देना बंद करे सरकार:सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली, 8 मई 2012 सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को सरकार को निर्देश दिया कि अगले 10 वर्षो में हज पर दी जाने वाली सब्सिडी समाप्त कर दी जाए.पवित्र शहर मक्का के लिए हज यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को लेकर सरकार की नीति की तीखी आलोचना करते हुए न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने सरकार द्वारा प्रति वर्ष मक्का भेजे जाने वाले सद्भावना शिष्टमंडल के सदस्यों की संख्या भी घटा दी. न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि सरकार द्वारा प्रति वर्ष मक्का भेजे जाने वाले सद्भावना शिष्टमंडल में अब मात्र दो सदस्य होंगे. फिलहाल इस शिष्टमंडल में जाने वाले सदस्यों की संख्या 30 है. न्यायालय ने राज्यस्तरीय हज समितियों और भारतीय हज समिति से इस बात का भी विवरण मांगा है कि कितनी सब्सिडी दी जाती है और इस पर कुल कितना खर्च आता है. सर्वोच्च न्यायालय हज के लिए वीआईपी कोटे के खिलाफ 16-Apr-2012 स्त्रोत: आईएएनएस नई दिल्ली| सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि हज यात्रा के लिए वीआईपी कोटा सदैव नहीं रहना चाहिए। न्यायमू