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श्रीअनन्त चतुर्दशी महोत्सव कोटा

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  श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव - अरविन्द सीसौदिया          भारतीय संस्कृति में निहित भक्ति एवं शक्ति का पर्व अनन्त चतुर्दशी महोत्सव, मूलतः दो प्रमुख पर्वों के मध्य मनाया जाता है। यह गणेश जी के जन्मोत्सव ‘गणेश चतुर्थी‘‘ से  प्रारंभ हो कर ‘‘श्री अनन्त चतुर्दशी‘‘  तक के 10-11 दिन की अवधि में मनाया जाता है। इस दौरान गणेश चतुर्थी को घरों में गणेश जी की प्रतिमाओं तथा मोहल्लों में झांकियो की स्थापना होती है। नित्य प्रातः सायं पूजा अर्चना एवं आरती होती है, भक्ति संध्याएं आयोजित की जाती हैं तथा श्री अनन्त चतुर्दशी के दिन इन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। अनेकानेक स्थानों पर यह विसर्जन शोभा यात्रा के रूप में सम्पन्न होता है। कोटा में भी इसी तरह श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव आयोजन होता है एवं शोभा यात्रा के रूप में सम्पन्न होता है। श्री गणेश जन्मोत्सव         ऐसा माना जाता है कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (चौथ) को आदि शक्ति, पंच देवों में प्रथम पूज्य, गणपति का जन्म शिव-पार्वती की द्वितीय संतान के रूप में हुआ तथा इसी कारण यह दिन धार्मिक रूप से ‘‘गणेश चतुर्थी व्रत‘‘ के रूप म

Daughter of Netaji Subhas Chandra Bose

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http://www.hindu.com/2001/02/25/stories/1325128q.htm Daughter of Netaji Subhas Chandra Bose नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की बेटी अनिता बोस बाद के दिनों में ऑग्सबर्ग विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र की प्राध्यापिका बनती हैं। जर्मन संसद में ग्रीन पार्टी के सदस्य मार्टिन पाफ(Martin Pfaff) से वे विवाह करती हैं और उनकी तीन सन्तानों- यानि नेताजी के नाती-नतनियों- के नाम होते हैं- थॉमस कृष्णा, माया कैरिना और पीटर अरूण। अनिता बोस पहली बार 18 वर्ष की उम्र में 1960 में भारत आती हैं और फिर 2005-06 में 63 वर्ष की उम्र में दुबारा भारत आती हैं। दोनों बार देश उन्हें ‘नेताजी की बेटी’ का सम्मान देता है। आज हार्वर्ड विश्वविद्यालय में सामुद्रिक इतिहास के प्राध्यापक सुगत बोस(Sugata Bose) नेताजी के पड़पोते- भतीजे के पुत्र- हैं।   Memories of a brave heart Prof. Anita Bose Pfaff, Professor of Economics in Augsburg University in Germany, was among the more high profile visitors to the city in recent times. As the daughter of Netaji Subhas Chandra Bose, a prominent symbol in the freedom struggle, sh