पोस्ट

नवंबर 6, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सौ से ज्यादा ‘उड़नतश्तरी’ या जासूसी अभियान

चित्र
यह मामला गंभीर है , सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए पहले भी यही विश्लेष्ण सामने आते रहे हैं की ये उड़न तश्तरी मूलतः जासूसी अभियान के यान हें .... विश्व में जहाँ भी वैज्ञानिक स्तर उच्च होता हे वहीं ये दिखाई देती हें ..... आजकल यह मामला चीन के पास हे वह वैज्ञानिक स्तर पर सबको पछाड़ रहा हे ..... सौ से ज्यादा ‘उड़नतश्तरी’ देखी गईं Tuesday, November 06, 2012, http://zeenews.india.com/hindi नई दिल्ली : जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर में चीन सीमा से लगे इलाकों में सैनिकों ने पिछले तीन महीनों में सौ से ज्यादा ‘उड़नतश्तरी’ या यूएफओ देखे हैं। सेना, डीआरडीओ, एनटीआरओ और आइटीबीपी समेत एजेंसियां अब तक इस चमकीली ‘उड़नतश्तरी’ की पहचान नहीं कर पायी है। सैन्य अधिकारियों ने यहां बताया कि करगिल -लेह से लगे इलाके में तैनात 14 कॉर्प्स ने सेना मुख्यालय को इस संबंध में एक रिपोर्ट भेजी है कि ठाकोंग में पांगोंग सो झील के निकट आईटीबीपी इकाई ने इन यूएफओ को देखा है। रिपोर्ट के मुताबिक यह तश्तरी चीन की तरफ से आते हुए धीरे धीरे आसमान की ओर जाकर तीन से पांच घंटे में गायब हो जाती है। अधिकारियों ने

पुष्य नक्षत्र,कई गुना लाभकारी

चित्र
भारतीय ज्योतिष में ग्रहों-नक्षत्रों का काफी महत्व है। इसके आधार पर ही गणनाएं की जाती हैं। हमारे ज्योतिषी-मनीषियों ने प्रकृति, आकृति तथा महता के आधार पर खास २७ नक्षत्रों को चुना है। इनमें आठवे स्थान पर पुष्य नक्षत्र को माना गया है। ज्योतिष में इसे बहुत शुभ नक्षत्र माना गया है। इस बार ६ साल बाद इस बार मंगल-पुष्य नक्षत्र का योग 6 नवंबर, मंगलवार को बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पुष्य नक्षत्र में खरीदी बहुत ही शुभ होता हैं क्योंकि यह नक्षत्र स्थाई होता है अर्थात इस नक्षत्र में खरीदी गई कोई भी वस्तु लंबे समय तक उपयोगी बनी रहती है। पुष्य नक्षत्र, सोमवार शाम से शुरू हुआ जो मंगलवार को देर रात तक रहेगा। इस नक्षत्र में भूमि, भवन व सोना खरीदना शुभ माना जाता है। पुष्य नक्षत्र में की गई खरीदारी कई गुना लाभकारी होती है। इस दिन नये भवन, भूमि और स्वर्ण की खरीद शुभ फल देने वाली होती है।ऋग्वेद में इसे मंगलकर्ता, वृद्धिकर्ता, आनंद कर्ता एवं शुभ कहा गया है। पुष्य नक्षत्र की स्थिति राशि में 3 डिग्री 20 मिनट से 16 डिग्री 40 मिनट तक होती है. यह क्रान्ति वृ्त्त से 0 अंश 4 कला 37 विकला उत्तर तथा