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हिन्दू शब्द अपमान का नहीं बल्कि,गौरव की बात है !

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हिन्दू शब्द अपमान का नहीं बल्कि,गौरव की बात है ! अक्सर हम हिन्दू लोगों को बरगलाने के लिए..... हमें यह सिखाया जाता है कि.... "हिन्दू" शब्द..... हमें.... मुस्लिमों या फिर कहा जाए तो.... अरब वासियों ने दिया है...! दरअसल... ऐसी बातें करने के पीछे कुछ स्वार्थी तत्वों का मकसद यह रहा होगा कि..... हिन्दू ..... अपने लिए "हिन्दू" शब्द सुनकर..... खुद में ही अपमानित महसूस करें..... और, हिन्दुओं में आत्मविश्वास नहीं आ पाए..... फिर.... हिन्दुओं को खुद पर गर्व करने या ..... दुश्मनों के विरोध की क्षमता जाती रहेगी ...! और, बहुत दुखद ह ै कि..... समुचित ज्ञान के अभाव में.... बहुत सारे हिन्दू भी... उसकी ऐसी ... बिना सर-पैर कि बातों को सच मान बैठे हैं..... और, खुद को हिन्दू कहलाना पसंद नहीं करते हैं..... जबकि, सच्चाई इसके बिल्कुल ही उलट है...! हिन्दू शब्द.... हमारे लिए... अपमान का नहीं बल्कि ... गौरव की बात है...... और, हमारे प्राचीन ग्रंथों एक बार नहीं.... बल्कि, बार-बार "हिन्दू शब्द" गौरव के साथ प्रयोग हुआ हुआ है....! वेदों और पुराणों में हिन्दू शब्द का सीधे -सीधे उल्

पाकिस्तान में हिंदुओं का श्रीराम पीर मंदिर ढहाया

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पाकिस्तान में हिंदुओं का विरोध  अरमान साबिर,बीबीसी संवाददाता, कराची खबर ये है कि पाकिस्तान में,श्रीराम पीर मंदिर को ढहाए जाने के बाद से हिंदुओं में खासी नाराजगी है,कराची में 100 साल पुराने श्रीराम पीर मंदिर को ढहाने का मामला सामने आया है | मंदिर को भारत-पाक विभाजन के पहले ही बनाया था, मंदिर  के अलावा बिल्डर ने कल समीप  के  कई मकान तोड़ दिए,फलस्वरूप करीब 40 लोग बेघर हो गए जिनमें से ज्यादातर हिंदू हैं | मंदिर को तोड़े जाने के बाद रविवार 2 दिसंबर, 2012 को पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के लोगों ने कराची प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन भी किया | कराची के हिंदुओं का कहना है कि उनके साथ धोखा हुआ है और वे मामले में दोबारा केस दर्ज कराएंगे | स्थानीय निवासी मलबे से मंदिर का नाम फलक निकालने में सफल रहे. मंदिर में रहने वाले महाराज बदरी ने इस बात से इनकार किया कि अतिक्रमण किया गया था । उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्वज आजादी से पहले से यहां रह रहे हैं. हम अतिक्रमण करने वाले लोग नहीं हैं '|

गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल से इस्तीफे की मांग

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कमला बेनीवाल जयपुर जमीन घोटाले के जांच के आदेश न्यायालय ने दिये, नैतिकता के नाम पर अब बेनीवाल को पद से इस्तिफा देना चाहिये। कमला बेनीवाल के खिलाफ जांच का आदेश नवंबर 23, 2012,शुक्रवार http://www.rashtriyasahara.com/epapermain.aspx?queryed=9&eddate=11%2f23%2f2012 जयपुर (एसएनबी)। शहर की एक अदालत ने अरबों रुपए की सरकारी भूमि हड़पने के मामले में गुजरात की राज्यपाल डॉ. कमला बेनीवाल सहित 17 आरोपियों के खिलाफ करघनी थाना पुलिस को जांच का आदेश दिया है। खास बात यह है कि इस मामले में सभी आरोपी रसूखदार घरानों के लोग हैं। अदालत ने यह आदेश संजय किशोर अग्रवाल के परिवाद पर दिया। अन्य अरोपियों में अमरसिंह, अजय कुमार, चंद्रप्रकाश, गोपालराम, हरिनारायण मीणा, हनुमान सिंह, राधाकृष्ण चौधरी, रतनसिंह, रणवीर सिंह, राकेश कुमार सिंह, राजेन्द्र पूनिया, सुरजाराम मील, शांतिदेवी, संजीव आर्य, सुमित शर्मा और विजयपाल हैं। सरकार ने 1951 में खाली पड़ी भूमि को बीस साल की लीज पर देने की योजना बनाई थी। बाद में 1956 के अधिनियम से इस अवधि को 25 साल कर दिया गया। सरकार ने पांच जनवरी 1953 को राजेन्द्र सिंह व अन्य को सह