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जनवरी 2, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अश्लील गायक हनी सिंह पर मुकदमा,मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के साथ डांस

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- अरविन्द सिसोदिया कोटा राजस्थान  भारत का पूरा कल्चर( संस्कृति ) खतरे में है। आज चारों और अश्लीलता ही परोसी जा रही है। जिधर देखतें हैं वहीं महिलाओं के ऊपर कुछ न कुछ कहा जा रहा है। चाहे इंटरनेट हो , विज्ञापन हो या फिल्मे या अन्य कार्यक्रम, सभी में अश्लीलता ही परोसी जा रही है। इसे रोकने के लिए चारों ओर से कदम उठाने होंगे। भारतीय संस्कृति की ओर वापिस जाना होगा। स्कूलों की शिक्षा बदलनी होगी। फिल्मों का रूप बदलना होगा। अपराधी के प्रति दंड सख्त करना होगा। ऐसे अनेक उपायों के बाद ही कहीं जाकर कुछ सालों में लोग नारी का आदर करना सीख पाएंगे। अन्यथा बातों में और करनी में फर्क नज़र आता रहेगा। http://navbharattimes.indiatimes.com आईपीएस ने 'यो यो हनी सिंह' पर ठोंका मुकदमा आईएएनएस॥ लखनऊ : मशहूर पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर हनी सिंह के खिलाफ अश्लील गीत लिखने और गाने के आरोप में राजधानी लखनऊ में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराया है। ट्विटर पर उनके खिलाफ छिड़ी ऑनलाइन मुहिम की वजह से न्यू ईयर पर गुड़गांव में होने वाला उनका कॉन्सर्ट भी कैंसल हो गया।   फंस गए हन

घर घर पहुचेंगे स्वामी विवेकानंद

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घर घर पहुचेंगे स्वामी विवेकानंद स्वामी विवेकानंद सार्द्धशती समारोह स्वामी विवेकानंद को जाने जन-जन - 'उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको' का ऊर्जावान संदेश देने वाले भारत के युवा संन्यासी, जिन्होंने 40 वर्ष से भी कम की आयु में देश-विदेश में लोगों के हृदय को अपने तेजस्वी विचारों से जीतकर संसार से विदा ली थी। ऐसे स्वामी विवेकानंद आज विश्व के करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत तथा आदर्श बन चुके हैं। अंग्रेजी और बंगला सहित अनेक भाषाओं पर समान अधिकार रखने वाले स्वामी विवेकानंद सभी मत-पंथों को बराबर आदर देने के साथ-साथ समाज जीवन से संबंधित हर विषय पर दूरगामी विचार रखते थे। 11 सितंबर, 1893 को शिकागो (अमरीका) में हुए विश्व धर्म सम्मेलन में हिन्दू धर्म के प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने अमरीकी जनता के सामने हिन्दू धर्म और संस्कृति के उदात्त सिद्धांतों का प्रतिपादन किया, जिन्हें सुनकर अमरीकावासियों के मन में भारत के इस युवा संन्यासी के प्रति अगाध श्रद्धा उमड़ पड़ी। विश्वभर में दिए अपने व्याख्यानों में भी उन्होंने धर्म और वेदांत पर विचार रखने के साथ-साथ आर्य सभ्यता, भारतीय संस्कृति

संत और स्वयंसेवक समस्याओं से निराश नहीं होते -मोहनराव भागवत,

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मेरठ में रा.स्व.संघ का कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग संत और स्वयंसेवक समस्याओं से निराश नहीं होते -मोहनराव भागवत, सरसंघचालक, रा.स्व.संघ रा.स्व.संघ से ली जा सकती है अनुशासन और देशभक्ति की सीख -पुलक सागर महाराज, जैनमुनि अजय मित्तल गत दिनों मेरठ में रा.स्व.संघ का तीन दिवसीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग सम्पन्न हुआ। वर्ग में मेरठ प्रांत के मंडल स्तर तक के 1148 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रा.स्व.संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत वर्ग में पूरे समय उपस्थित रहे। वर्ग के समापन समारोह को संबोधित करते हुए श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि वर्तमान में देश समस्याओं से घिरा हुआ है। इनके कारण आमजन में निराशा है। लेकिन संत और संघ के स्वयंसेवक कभी निराश नहीं होते। समस्याओं की चुनौती स्वीकार कर वे स्वार्थमुक्त, भेदभावमुक्त समाज रचना के निर्माण में जुटे रहते हैं। वे जानते हैं कि सनातन हिन्दू जीवन और हिन्दू राष्ट्र को मिटाने की ताकत समस्याओं में नहीं है। चीन को सबसे बड़ा खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सीमाएं खुली होने के कारण सब ओर से दुश्मन घुस आता है। असम में कई बंगलादेशी घुसपैठिए आज विधानसभा सदस्य बन च

मानसिक गुलामी

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मानसिक गुलामी - अरविन्द सिसोदिया

संगठन द्रोपती बन गए

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संगठन द्रोपती बन गए - अरविन्द सिसोदिया कोटा राजस्थान