पोस्ट

मई 1, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी

इमेज
बलिदान दिवस विशाल अग्रवाल 01 may 2013 सन १८८८ में १० दिसम्बर के दिन जन्मे क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। प्रफुल्ल का जन्म उत्तरी बंगाल के जिला बोगरा के बिहारी गाँव (अब बांग्लादेश में स्थित) में हुआ था। जब प्रफुल्ल दो वर्ष के थे तभी उनके पिता जी का निधन हो गया। उनकी माता ने अत्यंत कठिनाई से प्रफुल्ल का पालन पोषण किया। विद्यार्थी जीवन में ही प्रफुल्ल का परिचय स्वामी महेश्वरानंद द्वारा स्थापित गुप्त क्रांतिकारी संगठन से हुआ और उनके अन्दर देश को स्वतंत्र कराने की भावना बलवती हो गई। इतिहासकार भास्कर मजुमदार के अनुसार प्रफुल्ल चाकी राष्ट्रवादियों के दमन के लिए बंगाल सरकार के कार्लाइस सर्कुलर के विरोध में चलाए गए छात्र आंदोलन की उपज थे। वो सन् 1907 का समय था। बंगाल को तत्कालीन लार्ड कर्जन ने विभाजित कर रखा था और मातृभूमि को प्रत्यक्ष माता का स्वरूप मानकर "वन्देमातरम्' गीत से उसकी वन्दना करने वाले युवक और छात्र-दल, जिनके नेता अरविन्द घोष और बारीन्द्र घोष थे, अपना घर-परिवार त्यागकर अंग्रेजों से जूझ