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हरियाली तीज : भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजा को समर्पित

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बूंदी की तीज लिंक -  http://uditbhargavajaipur.blogspot.in -------------- भारत डिस्कवरी प्रस्तुति हरियाली तीज मुख्यत: स्त्रियों का त्योहार है। इस समय जब प्रकृति चारों तरफ हरियाली की चादर सी बिछा देती है तो प्रकृति की इस छटा को देखकर मन पुलकित होकर नाच उठता है। जगह-जगह झूले पड़ते हैं। स्त्रियों के समूह गीत गा-गाकर झूला झूलते हैं। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को श्रावणी तीज कहते हैं। इसे हरितालिका तीज भी कहते हैं। जनमानस में यह हरियाली तीज के नाम से जानी जाती है। मेंहदी / रीति रिवाज़ स्त्रियाँ अपने हाथों पर त्योहार विशेष को ध्यान में रखते हुए भिन्न-भिन्न प्रकार की मेहंदी लगाती हैं। मेहंदी रचे हाथों से जब वह झूले की रस्सी पकड़ कर झूला झूलती हैं तो यह दृश्य बड़ा ही मनोहारी लगता हैं मानो सुहागिन आकाश को छूने चली हैं। इस दिन सुहागिन स्त्रियाँ सुहागी पकड़कर सास के पांव छूकर उन्हें देती हैं। यदि सास न हो तो स्वयं से बड़ों को अर्थात जेठानी या किसी वृद्धा को देती हैं। इस दिन कहीं-कहीं स्त्रियाँ पैरों में आलता भी लगाती हैं जो सुहाग का चिह्न माना जाता है। हरियाली तीज के दिन अनेक

नागासाकी पर सौ सूर्यों का कहर - फ्रैंक डब्लू चिनाक

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9 August 1945: Nagasaki was devastated when an atomic bomb, 'Fat Man' a plutonium bomb, was dropped by the United States bomber B-29 Bockscar. 80000 people were killed outright, 60% died from flash or flame burns, 30% from falling debris and 10% from other causes. This bomb was supposed to be more destructive than "Little Boy" but fell in a valley, and did roughly the same amount of damage as Little Boy. नागासाकी पर सौ सूर्यों की रोशनी - फ्रैंक डब्लू चिनाक संपादन - कमलेश्वर विडम्बना देखिए, अणु बम फेंकने के लिए निर्धारित जिन चार स्थानों की सूची अमरीकी युद्धमन्त्री हेनरी एच. स्टिमसन के सामने विचारार्थ प्रस्तुत की गयी थी, उसमें नागासाकी का नाम कहीं नहीं था। फिर, दुर्भाग्य की बात यह रही कि शेष विश्व की तरह जापान में भी सभी का ध्यान हीरोशिमा पर ही केन्द्रित होकर रह गया। नागासाकी के महाविनाश को प्रायः भुला दिया गया। नागासाकी के बुद्धिजीवी आज भी यह गिला करते सुने जा सकते हैं - ‘‘एटम बम का शिकार होना तो बुरा है ही, लेकिन दूसरे नम्बर के एटम बम का शिकार होना उससे भी ब