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नवंबर 2, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गुजरात दंगों के लिए मोदी जिम्मेदार नहीं: केपीएस गिल

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गुजरात दंगों के लिए मोदी जिम्मेदार नहीं: केपीएस गिल http://www.jagran.com/news/national-narendra-modi-cant-be-blamed-for-post-godhra-riots-k-p-s-gill-10835366.html नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। पंजाब पुलिस के पूर्व प्रमुख केपीएस गिल की जीवनी  'केपीएस गिल : द पैरामाउंट कॉप'  में गुजरात दंगों के लिए नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट दी गई है। उन्होंने कहा कि इन दंगों के लिए मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। बृहस्पतिववार रात इंडिया हैबिटेट सेंटर में अपनी जीवनी के विमोचन के मौके पर केपीएस गिल ने कहा कि देश अभी भी दंगों का दंश झेलने पर मजबूर है। सभी पार्टियां एक ही ढर्रे पर चल रही हैं। केवल गिने चुने नेताओं पर ही देश को विकास की राह पर ले जाने का भरोसा किया जा सकता है। गिल ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से उनके परिवार के सदस्य नाराज हैं, क्योंकि इस पुस्तक में गुजरात दंगों के लिए मोदी को जिम्मेदार न ठहराकर हालात को समझने में पुलिस की बेबसी और पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को दोषी ठहराने की वकालत की गई है। इस पुस्तक के लेखक राहुल चंदन हैं। गिल ने खुलासा किया कि गुजरात दंगों के दौरा

पटना बम धमाके : सांत्वना मिशन पर मोदी,

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सांत्वना मिशन पर मोदी, पीड़ितों के परिजनों से की मुलाकात पटना, एजेंसी :02-11-2013 http://www.livehindustan.com/news/desh/national/article1-BJP-Narendra-Modi-Bihar-Patna-Blast-39-39-374494.html भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पटना बम धमाके में मारे गये गौरीचक के राजनारायण सिंह के परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी और पार्टी की ओर से पांच लाख रुपये का चेक भी सौंपा। मोदी कोहरे के कारण अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से करीब दो घंटे विलम्ब से हेलीकॉप्टर के जरिये गौरीचक पहुंचे और सिंह के परिजनों से मुलाकात की। मोदी ने कहा कि वह दुख की इस घड़ी में सिंह के परिजनों के साथ है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की। सिंह के परिजनों ने मोदी को बताया कि उनके पिता उनका भाषण सुनने के लिये काफी उत्साहित थे और खेत का काम छोड़ कर और नदी को तैरकर गांधी मैदान गये थे। सिंह ने जाने से पूर्व कहा था कि खेती का काम तो बाद में भी हो जायेगा, लेकिन भाषण सुनने का मौका उन्हें फिर मिलेगा या नहीं। वह समय