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महंगाई : नतीजा चारों राज्यों में कांग्रेस की भारी हार हो गई

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जब अटलबिहारी वाजपेयी प्रधान मंत्री थे , तब प्याज और आलू मामले महंगे क्या हुए थे कि भाजपा की तीन राज्यों  की सरकारें चली गईं थी । उन्होंने फिर मंहगाई पर येसी नकेल कसी की उनके राज में फिर मंहगाई नही हुई । कांग्रेस लगातार ९ साल से मंहगाई की अनदेखी कर रही हे । अब तो हद यह हो गई की खुद कांग्रेस सरकार ने मंहगाई बड़बाई , नतीजा चारों राज्यों में भारी  हार हो गई , जनता का असली दंड तो लोकसभा में आनेवाला हे  ----------------- प्रभात मत : महंगाई के मोरचे पर चेतने का वक्त http://www.prabhatkhabar.com/news/72377-story.html?google_editors_picks=true महंगाई के मोरचे से आ रही खबरों को देखते हुए लगता नहीं कि निकट भविष्य में इसकी मार से छुटकारा मिलेगा. ताजा आंकड़ों के मुताबिक खाद्य-पदार्थो, विशेषकर सब्जियों, की कीमतों में खासी तेजी आयी है. इससे थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति नवंबर में बीते 14 माह की रिकॉर्ड ऊंचाई पर रही. सब्जियों की महंगाई का आलम यह है कि अक्तूबर से नवंबर के बीच कीमतों में तकरीबन 17 फीसदी का इजाफा हो गया है. पिछले साल के नवंबर महीने की तुलना में इस साल नवंबर में आलू

देवयानी गिरफ्तारी : सोची समझी साजिस हे भारतवासियों को नीचा दिखाने की … !

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सच यह है कि अमरीका हो या अन्य इसाई देश , सिर्फ बातें मानवता की करते हैं, मगर वास्तविकता में ये बेहद क्रूर और अमानवीय ही होते हें। देवयानी प्रकरण से वास्तविकता में अमरीकी चेहरे से नकाव उतरा है और उसके मानवतावादी का ढ़ोंग जग जाहिर हो गया । सच यह हे कि यह येशा मामला नही था कि जिसमें हथकड़ी लगानी  पड़े और नंगा किया जाये ! यह सोची समझी साजिस हे भारत वासियों को नीचा  दिखाने की … ! ---------------------------------- देवयानी पर अमेरिका सहीः ह्यूमन राइट्स वॉच आईबीएन-7 | Dec 18, 2013 न्यूयार्क। अमेरिकी मार्शल सर्विस (यूएसएमएस) ने भारतीय उपमहावाणिज्य दूत देवयानी खोब्रागड़े की गहन तलाशी को न्यायोचित करार दिया और कहा कि उन्हें यूएसएमएस के निर्दिष्ट मानकों और प्रोटोकॉल के तहत हिरासत में लिया गया था। यूएसएमएस ने इस बात की भी पुष्टि की है कि राजनयिक की उसी तरह से तलाशी ली गई थी जिस तरह कि अन्य गिरफ्तार लोगों की ली जाती है। इस मामले में अमेरिकी मानवाधिकार संस्था यूएस ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी अपनी सरकार का पक्ष लेते हुए बयान जारी किया है। संस्था का कहना है कि पुलिस की कस्टडी में लिए गए लोगों की कपड़े