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अब अमरीका को सद बुद्धि आगई तो स्वागत है - अरविन्द सिसोदिया

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- अरविन्द सिसोदिया  अमरीका का नरेंद्र मोदी के प्रति जो रवैय्या रहा , वह उसका अहंकार था ! गुजरात के दंगों कि शरुआत गोधरा से होती हे , जिसमें कोंग्रेसी शामिल थे  और उन्हें सजा हुई है । अमरीका को इन दंगों के लिए कांग्रेस को चिन्हित करना चाहिए ! अमरीका को १९८४ के सिखों का नरसंहार याद  नही  और गुजरात याद है , यह आश्चर्य भी है और भेदभावपूर्ण भी है । अब अमरीका को सद बुद्धि आगई तो स्वागत है ! --------------------------------- मोदी के साथ पॉवेल की बैठक ‘व्यापक पहुंच’ का हिस्सा: अमेरिका भाषा | Feb 14, 2014, वॉशिंगटन अमेरिका ने कहा है कि बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ दूत नैंसी पॉवेल की मुलाकात लोकसभा चुनावों के पहले राजनीतिक नेताओं और कारोबारियों के साथ उसकी समग्र पहुंच का हिस्सा है। विदेश विभाग की उप प्रवक्ता मैरी हर्फ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'भारतीय चुनाव के पहले राजदूत पॉवेल और अमेरिकी महावाणिज्य दूत समूचे भारत में राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं, कारोबारी प्रतिष्ठानों और एनजीओ तक व्यापक स्तर पहुंच बना रहे हैं।' मोदी-पावेल की बैठक के बा

कांग्रेस का दोगला चेहरा उजागर - अरविन्द सिसोदिया

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कांग्रेस का दोगला चेहरा उजागर - अरविन्द सिसोदिया कांग्रेस यह अच्छी तरह जानती है कि आप पार्टी विधानसभा का सदन चलाने का अनुभव नहीं रखती है । मगर कांग्रेस ने चुनावी फायदे के लिए इसे समर्थन दीया !  या तो कांग्रेस  इसे समर्थन ही नही देती  या इसे चलवाते । मगर विधानसभा कि जो मजाक बनवा कर दिल्ली की भद्द पिटवा रहें हें , भारत की भद्द पिटवा रहे हें , यह ठीक नही हे । कांग्रेस को डबल गेम खेल बंद करना चाहिए ।  वे यही महाराष्ट्रा  में राज  ठाकरे से मिल कर कर रहे हें , यही वे तेलंगाना के मामले में कर रहे हें । चित्त भी मेरी पत्त  भी मेरी का खेल …कुल मिला कर देश को नुकसान दायक है ।  ----------------------------- 'आप' देखती रह गई, कांग्रेस-बीजेपी ने छीनी स्पीकर की शक्तियां नवभारतटाइम्स.कॉम | Feb 14, 2014 नई दिल्ली http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/30380011.cms?google_editors_picks=true&google_editors_picks=true अब तक बीजेपी और कांग्रेस को सड़क की राजनीति में मात देने वाली आम आदमी पार्टी (आप) को इन दोनों पार्टियों ने विधानसभा की रणनीति में करारी मात दी है। विधान