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नरेंद्र मोदी विरोधी प्रस्ताव से, अमेरिकी सांसद ने हाथ खींचे

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नरेंद्र मोदी विरोधी प्रस्ताव से अमेरिकी सांसद ने हाथ खींचा Bhasha, फ़रवरी 19, 2014 http://khabar.ndtv.com/news/world/us-parliamentarian-withdrew-support-to-anti-narendra-modi-proposal-381097 वाशिंगटन: भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को वीजा जारी नहीं करने की नीति को बरकरार रखने की मांग को लेकर अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों द्वारा लाए जा रहे नए प्रस्ताव का समर्थन कर रहे एक सांसद ने इससे खुद को अलग कर लिया है। इससे पहले भी एक सांसद प्रस्ताव से दूर हुआ था। हिंदू अमेरिकी फांउडेशन (एचएएफ) के अनुसार पेंसिलवेनिया से रिपब्लिकन सांसद स्कॉट पेरी ने प्रतिनिधि सभा के प्रस्ताव 417 से अपना सह प्रायोजन वापस ले लिया है। अब तक इस प्रस्ताव पर 42 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।इस प्रस्ताव से हाथ खींचने वाले दोनों सांसद पेरी और स्टीव कैबट प्रतिनिधि सभा विदेश मामलों की समिति के सदस्य भी हैं। ऐसे उनके फैसले की खासी अहमियत है। कैबट कई सप्ताह पहले ही इस प्रस्ताव से अलग हुए थे, वहीं पेरी ने पिछले सप्ताह भारत में अमेरिकी राजदूत नैंसी पावेल की मोदी के साथ हुई मुलाकात के बाद फैसला किया। एचए

केजरीवाल ने मेरी चिट्ठी का जवाब नहीं दिया : अन्‍ना

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अरविंद केजरीवाल ने मेरी चिट्ठी का जवाब नहीं दिया : अन्‍ना http://aajtak.intoday.in/story/anna-hazare आज तक वेब ब्‍यूरो [Edited By: सौरभ द्विवेदी] | नई दिल्‍ली, 19 फरवरी 2014 अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक गुरु अन्‍ना हजारे ने आखिरकार आम आदमी को बड़ा झटका दे दिया. अन्‍ना ने बुधवार को ममता बनर्जी के साथ एक साझा प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में ममता को राजनीतिक समर्थन की घोषणा कर दी. हालांकि उन्‍होंने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि उनका समर्थन किसी पार्टी को नहीं बल्कि ममता के विचारों को है, वहीं सीपीएम ने इसे महज एक तमाशा बताया है. नई दिल्‍ली में समर्थन की घोषणा करते हुए अन्‍ना ने कहा, 'मैंने 17 मांगों की चिट्ठी हर पार्टी को भेजी थी. अरविंद केजरीवाल ने मेरी चिट्ठी का जवाब नहीं दिया. ममता ने दिया. मैं जो दीदी को सपोर्ट किया. वो व्यक्ति या पार्टी समझकर नहीं किया है. समाज और देश के प्रति जो उनके विचार हैं, उस विचार को मैं सपोर्ट कर रहा हूं.' ममता सच नहीं झूठ का प्रतीक दूसरी ओर अन्‍ना के समर्थन को सीपीएम की सांसद ऋताब्रत बनर्जी ने महज तमाशा करार दिया है. उन्‍होंने कहा, 'मुझे इस पर कोई टिप्‍पणी नह

वोट ठगने के लालसा से तेलंगाना निर्माण गलत.....

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वोट ठगने के लालसा से तेलंगाना निर्माण गलत..... हमारे देश में बडे राज्यों से कहीं बेहतर जन सेवा छोटे राज्यों ने साबित की है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र बडे राज्य हैं, यहां असमानता और अव्यवस्था चरम पर है। जेलंगाना का विरोध अनुचित है। कांग्रेस ने इस पर सियात की है, इस कारण मामला और ज्यादा गडबडा गया । छोटे प्रदेश जनेसवा की आवश्यकता है। इसे वोट ठगने के लालच से नहीं किया जाना चाहिये था। ----------- तेलंगाना बिल लोकसभा में पास प्रकाशित Wed, फ़रवरी 19, 2014 पर 09:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz http://hindi.moneycontrol.com/mccode/news/article.php?id=95813 वॉकऑउट और ब्लैकआउट के बीच आखिरकार मंगलवार को लोकसभा से तेलंगाना बिल पास हो गया लेकिन लोकसभा टीवी का प्रसारण रुकवाने और बिल पास करने के तरीके पर सियासी बवाल खड़ा हो गया है। लोकसभा की मंजूरी के बाद आंध्र प्रदेश का बंटवारा हो जाएगा। तेलंगाना को आंध्र प्रदेश से अलग एक राज्य का दर्जा देने वाला बिलआज राज्यसभा में पेश हो सकता है। सरकार ने बीजेपी को बिल पास करने के लिए आखिरी वक्त में मना लिया। दरअसल सरकार ने बीजेपी की सीमांध्र के लिए विशेष पैकेज की म