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राष्ट्रगान का सच ??

राष्ट्रगान का सच ??  - Nirupama Varma स्वजनों, हम स्वतन्त्र देश भारत के नागरिक हैं परन्तु आज भी परतंत्रता, गुलामी की मानसिकता से भरे हैं, तभी तो हम आज भी अपने राष्ट्रीय पर्वों पर ब्रिटिश शासन के गुणगान करने वाले गीत “जन गण मन” को बड़ी शान से गाते हैं ।   कुछ तत्थ्य आपके सामने रख रहा हूँ.........   भारतीय जनमानस ब्रिटिश शासन के खिलाफ था । देश की आजादी के लिये क्रांतिवीर कदम-कदम पर ब्रिटिश शासन को चुनौती दे रहे थे । ब्रिटिश शासन हिल चुका था, घबडा गया था । सन 1905 में बंगाल विभाजन को लेकर अंग्रेजो के खिलाफ बंग-भंग आन्दोलन में पूरे देश का जनामानस अंग्रेजों के विरोध में उठ खडा हुआ । उस वक्त तक भारत की राजधानी बंगाल का प्रसिद्ध नगर कलकत्ता थी । अंग्रेजों ने अपनी जान बचाने के लिए 1911 में कलकत्ता को राजधानी न रखकर दिल्ली को राजधानी घोषित कर दिया । पूरे भारत में उस समय लोग विद्रोह से भरे हुए थे । अंग्रेजो ने अपने इंग्लॅण्ड के राजा को भारत आमंत्रित किया ताकि भारत के लोगों का ध्यान बाटे और विद्रोह शांत हो जाये ।   इंग्लैंड में उस समय शासन कर रहे किंग जार्ज पंचम ने 1911 में भारत का दौरा किया ।

महाशिवरात्रि - रजनी भारद्वाज

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महाशिवरात्रि - रजनी भारद्वाज , जयपुर महाकाल शिव की आराधना का महापर्व है ---शिवरात्रि। प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी शिवरात्रि कहलाती है लेकिन फाल्गुन माह की कृष्ण चतुर्दशी महाशिवरात्रि कही गई है। इस दिन शिवोपासना भक्ति एवं मुक्ति दोनों देने वाली मानी गई है, क्योंकि इसी दिन अर्धरात्रि के समय भगवान शिव लिंगरूप में प्रकट हुए थे ईशान संहिता के अनुसार इस दिन ज्योतिर्लिग का प्रादुर्भाव हुआ जिससे शक्तिस्वरूपा पार्वती ने मानवी सृष्टि का मार्ग प्रशस्त किया। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को ही महाशिवरात्रि मनाने के पीछे कारण है कि इस दिन क्षीण चंद्रमा के माध्यम से पृथ्वी पर अलौकिक लयात्मक शक्तियां आती हैं जो जीवनीशक्ति में वृद्धि करती हैं। यद्यपि चतुर्दशी का चंद्रमा क्षीण रहता है, लेकिन शिवस्वरूप महामृत्युंजय दिव्यपुंज महाकाल आसुरी शक्तियों का नाश कर देते हैं। यह काल वसंत ऋतु के वैभव के प्रकाशन का काल है। ऋतु परिवर्तन के साथ मन भी उल्लास व उमंगों से भरा होता है। यही काल कामदेव के विकास का है और कामजनित भावनाओं पर अंकुश भगवद् आराधना से ही संभव हो सकता है। भगवान शिव तो स्वयं काम निहंता

नरेन्द्र मोदी : प्रधानमंत्री बनकर हर हफ्ते एक कानून हटाएंगे

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प्रधानमंत्री बनकर हर हफ्ते एक कानून हटाएंगे मोदी भाषा | Feb 27, 2014, नई दिल्ली बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में कानून बहुत ज्यादा हैं और ऐसा लगता है कि सरकार व्यापारियों को चोर समझती है। उन्होंने व्यापारी समुदाय से कहा कि वे वैश्विक चुनौतियों से भागने की बजाय उनका सामना करें। साथ ही ऐसे अनावश्यक कानूनों को हटाने का वादा किया जो आभास देते हैं कि सभी चोर हैं। नरेंद्र मोदी ने व्यापारियों की इस चिंता को सही बताया कि देश में बहुत अधिक और बहुत पेचीदा कानून हैं। उन्होंने कहा, 'कानूनों का एक जाल है। आप हमें शक्ति दीजिए कि (सत्ता में आने पर) हम हर हफ्ते एक कानून को निरस्त कर सकें।' नरेंद्र मोदी ने शासन के तरीकों में बड़े बदलाव का पक्ष लेते हुए कहा कि दिल्ली से देश के मामलों को चलाने के चलन को बंद किया जाना चाहिए और राज्यों पर शासन चला सकने का भरोसा करना चाहिए। मोदी ने कहा, 'मैं नहीं जानता कि इसका मुझे राजनीतिक रूप से लाभ मिलेगा या नहीं लेकिन व्यापारी समुदाय को वैश्विक चुनौतियों से भागना नहीं चाहिए। उन्हें यह नहीं मानना चाहिए कि व्यापार

अमेरिका में हुआ सर्वे, बीजेपी के पक्ष में हैं 63 फीसदी भारतीय

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अमेरिका में हुआ सर्वे, BJP के पक्ष में हैं 63 फीसदी भारतीय भाषा [Edited By: अभिजीत श्रीवास्तव] | वाशिंगटन, 27 फरवरी 2014 अमेरिका में किए गए एक प्रमुख सर्वेक्षण में बताया गया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में करीब 63 फीसदी भारतीय मतदाता विपक्षी दल बीजेपी के पक्ष में हैं जबकि 20 फीसदी से भी कम लोग सत्तारूढ़ कांग्रेस के पक्ष में हैं. पीईडब्ल्यू रिसर्च ने कहा है, भारतीय संसदीय चुनाव कुछ ही सप्ताह दूर बचे हैं. कांग्रेस के खिलाफ करीब 63 फीसदी वोटर हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी बीजेपी को अगली सरकार को कमान थमाना चाहते हैं. हालांकि इस सर्वे में यह कहा गया है कि 63 फीसदी मतदाता बीजेपी के पक्ष में और 19 फीसदी कांग्रेस के पक्ष में हैं लेकिन दोनों पार्टियों को मिलने वाली सीटों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है. लेकिन इसमें इतना जरूर कहा गया है कि प्रधानमंत्री पद के लिए बीजेपी के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कांग्रेस के उम्मीदवार राहुल गांधी से कहीं अधिक लोकप्रिय हैं. यह सर्वे 7 दिसंबर 2013 से 12 जनवरी 2014 के बीच किया गया है और इसमें विभिन्न राज्यों में जाकर 2,464 वयस्क लोगों से आमने सामने साक्षात्कार किया गय