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महिलायें स्वावलंबी बनें : सरसंघचालक परम पूज्य डॉ. मोहन जी भागवत

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महिलायें स्वावलंबी बनें व समाज का नेतृत्व करें : सरसंघचालक परम पूज्य  डॉ. मोहन जी भागवत नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कुटुंब व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलायें ही परिवार को मजबूती प्रदान कर सकती हैं. इसलिये इस दिशा में महिलाओं को अपनी सक्रियता बढ़ानी होगी. रविवार को नागपुर में संघ से जुड़े विविध संगठनों के महिला प्रतिनिधियों को संघ प्रमुख ने सम्बोधित किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने परिवार की निर्णय प्रक्रिया में आगे आना चाहिये.  महिलाओं की सहभागिता से ही परिवार मजबूत बनता है. सरसंघचालक ने महिलाओं को अपनी निर्णय क्षमता बढ़ाने का परामर्श देते हुए कहा कि संघ चाहता है महिलायें स्वावलंबी बनें व समाज का नेतृत्व करें. प्रत्येक परिवार में संस्कारों का सिंचन आज की महती आवश्यकता है. इसके लिये स्वयं को संस्कारक्षम बनाकर अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने में महिलाओं को अधिक सक्रिय होना होगा. उन्होंने बताया कि हमारे देश में नारी के सम्मान को प्राचीन काल से सर्वोपरि माना गया है. आज भी हम नदी, भूमि आदि को माँ कहकर पुकारते

कांग्रेस के प्रति लोगों के आक्रोश से बदलाव तय : सुषमा स्वराज

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कांग्रेस के प्रति लोगों के आक्रोश से ही आएगा बदलाव: सुषमा आईएएनएस [Edited By: अमरेश सौरभ] | कुशीनगर, 2 मई 2014 बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि कांग्रेस के प्रति लोगों का आक्रोश ही इस बार देश में बदलाव लाएगा. उन्होंने कहा कि पूरे देश में नरेंद्र मोदी की लहर चल रही है. सुषमा शुक्रवार को कुशीनगर संसदीय क्षेत्र के कसिया रोडवेज परिसर में जनसभा को संबोधित कर रही थीं. उन्हें आना था सुबह 11 बजे पर वह दोपहर 1.30 बजे सभास्थल पर पहुंचीं. उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है. वह सभी मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है. यही कारण है कि कांग्रेस के पास विकास के मुद्दे नहीं रह गए हैं. यह बदलाव का समय चल रहा है. सुषमा ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी में बेहतर नेतृत्व और विकास की उम्मीद दिख रही है और दूसरा कारण कांग्रेस को लेकर गहरा आक्रोश है. इससे जनता पूरी तरह ऊब गई है. सुषमा ने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है. भ्रष्टाचार, महंगाई से जनता पूरी तरह से त्रस्त है और वह बदलाव के लिए लालायित है