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बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाने से ममता मुझसे नाराज : मोदी

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बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाने से ममता मुझसे नाराज: मोदी May 7 2014 कोलकाता: ममता बनर्जी की ओर से गिरफ्तारी की मांग किए जाने पर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाए जाने से तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख उनसे नाराज हो गईं हैं जिसे खुद उन्होंने 2005 में उठाया था.       मोदी ने यहां एक चुनावी सभा में कहा, ‘‘दीदी मुझसे नाराज हैं क्योंकि आपका प्रेम मेरे लिए बढ गया. वह मुझे दिन में 200 बार याद करती हैं. मैं नहीं जानता कि उन्होंने मेरे बारे में क्या कहा. परंतु दीदी आपका हर शब्द मेरे लिए आशीर्वाद है.’’     मोदी ने सवाल किया, ‘‘आपने बांग्लादेशियों का मुद्दा 2005 में संसद में उठाया था. आपने जो 2005 में कहा था, वो आपका भाई आज कह रहा है. परंतु आप मुझे जेल भेजने के बारे में बात रही हैं. यह न्याय नहीं है. हमने इस बदलाव की उम्मीद नहीं की थी. अपनी कुर्सी बचाने के लिए क्या आप बंगाल के भविष्य को अंधेरे में डाल देंगी ?’’  उन्होंने कहा, ‘‘हम आपका सम्मान किया करते थे. आपने वामपंथियों से अकेले लडाई लडी. हमें आप पर गर्व था, लेकिन

नरेंद्र मोदी पर अपने चुनाव क्षेत्र में लगी प्रचार पर पाबंदी

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मोदी पर अपने चुनाव क्षेत्र में लगी प्रचार पर पाबंदी Wednesday,May 07,2014 वाराणसी [आशुतोष झा]। प्रारंभ से ही हाई वोल्टेज रहा वर्तमान लोकसभा चुनाव अंतिम चरण में पहुंचते पहुंचते सारी सीमाएं तोड़ गया है। नरेंद्र मोदी ने अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए जहां तीन लाख किलोमीटर की यात्रा कर छह महीने में लगभग तीन सौ रैलियां कर डाली हों, उन्हें अपने ही चुनाव क्षेत्र वाराणसी में प्रचार की अनुमति नहीं मिली। हालांकि देर रात उन्हें शाम में गंगा आरती में शामिल होने की, बुद्धिजीवियों के साथ सभा करने इत्यादि की अनुमति जिला प्रशासन ने दे दी। वाराणसी से लेकर दिल्ली तक पार्टी नेता व कार्यकर्ता धरने पर होंगे। ऐसे में गुरुवार को मोदी वाराणसी तो आएंगे लेकिन जनता तक जाने की बजाय पार्टी कार्यालय जाएंगे और फिर दूसरे क्षेत्रों में प्रचार करने। जाहिर है, अब अगले कुछ दिनों तक वाराणसी ही नहीं पूरे पूवरंचल में भी यह एक बड़ा मुद्दा होगा। यूं तो आखिरी दौर का चुनाव कई मायनों में अहम हो जाता है लेकिन इस बार एक नई इबारत लिखी जा सकती है। पटकथा की शुरुआत हो गई है। यह शायद पहला मौका हो जबकि प्रत्याशी को ही प्रचार