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चाणक्य सर्वे के अनुसार, भाजपा प्लस 340 सीटें लेकर जबरदस्त बड़त की ओर

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चाणक्य सर्वे के अनुसार , भाजपा प्लस 340 सीटें लेकर जबरदस्त बड़त की ओर , और यूपीए 70 पर सिमट रही है। http://navbharattimes.indiatimes.com/lok-sabha-2014/exit-poll-2014-nda-likely-to-get-majority-in-ls-poll/election2014articleshow/35028882.cms एग्जिट पोल 2014: अबकी बार मोदी सरकार 12 May 2014 नई दिल्ली 16वीं लोकसभा के लिए अंतिम चरण की वोटिंग समाप्त होते ही न्यूज चैनलों के जरिए सामने आए एग्जिट पोल सर्वेक्षणों में यूपीए सरकार के 10 साल के शासन की विदाई धुन बजती नजर आई। सर्वे में यूपीए के खिलाफ ऐंटि इनकंबेंसी मूड और मोदी लहर ने कांग्रेस को दहाई में समेट दिया। अगर 16 मई को आने वाले नतीजे इसी लाइन पर आए तो आजादी के बाद यह कांग्रेस की सबसे करारी और ऐतिहासिक हार होगी और केंद्र में अगली सरकार नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए की बन जाएगी। वोटिंग से पहले ओपिनियन पोल भी एनडीए को सबसे आगे बता रहे थे, लेकिन सिर्फ एक सर्वे ने उसे बहुमत दिया था। ताजा एग्जिट पोल में ज्यादातर इस बात पर एकमत हैं कि एनडीए अपने बूते बहुमत पा लेगा। हालांकि इससे पहले 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों में भी ज्यादातर

बाबा निरंजननाथ : मां की मन्नत पूरी करने के लिए बने संन्यासी

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मां की मन्नत पूरी करने के लिए बने संन्यासी, हाईटेक हैं ये पोस्ट ग्रेजुएट बाबा पंकज वैष्णव |    May 11, 2014, जब जन्मे और शब्द तक नहीं थे, तब मां ही तो थी जो हमारी हर जरूरत समझती। प्यार ही उसकी बोली और भाषा थी, जिससे वह सब कुछ समझती-समझाती। वही पहली गुरु बनी और वही थी, जिसने हमें स्कूल-कॉलेजों के दूसरे गुरुजन से जोड़ा। कभी प्यार भरी थपकी तो कभी चिंता भरी फटकार। परीक्षा हमारी और रातों को जागने का इम्तिहान उसका। ऐसी ही तो है मां। बच्चों के साथ हरपल। आज (रविवार को) वल्र्ड मदर्स डे है। इस मौके पर दैनिक भास्कर लाया है उन लोगों की कहानी, जिनकी जिंदगी मां ने बदली है... कोटा के धाकडख़ेड़ी में आश्रम चलाने वाले बाबा निरंजननाथ की कहानी वह 6 साल का था कि मां चल बसी। उम्र 50 की हुई, तब पिता ने मां की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा था कि तेरी मां ने पहले चार बेटे खोए थे। तुम्हारे बड़े भाई ईश्वर सिंह, तुम, वीरेंद्र और सुरेंद्र भी बीमार रहते थे। बेटों को जिंदा रखने की चाह में कई तीर्थ भटकी थी वह और कई देवरे धोगे। एक जगह मन्नत मांग ली। कहा- बड़े बेटे को जिंदा रखना, छोटे बेटों में से एक को संत बन